पूर्व ब्यूरोक्रैट से राजनीति में उतरे दो नेताओं में भिडंत,जवाहर सरकार ने पूछे विदेश मंत्री जयशंकर से तीखे सवाल

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न्यूज डेस्क
मीडिया के लोग तो जवाहर सरकार को जानते ही होंगे। वही जवाहर सरकार जो करीब चार साल तक प्रसार भारती के सीईओ थे। इनके काल में बहुत से पत्रकारों ने प्रसार भारती का मजा लिया था। कइयों को नौकरी मिली थी।अब वही जवाहर सरकार टीएमसी के राज्य सभा सांसद है। भारत सरकार में रहते हुए उन्होंने कई विभागों की अगुवाई की थी। बेहतर अधिकारी के तौर पर उनकी पहचान रही है।

उधर एस जयशंकर को कौन नहीं जानता।पहले ईमानदार नौकरशाह रहे और अब विदेश मंत्री है। आए दिन विदेश में वार्ता करते और कूटनीति करते दिखते है लेकिन वे बोलते भी बहुत हैं। अभी मोदी के खास लोगों में इनका नाम शुमार है। मोदी उनकी ईमानदारी पर फिदा हैं और जयशंकर प्रधानमंत्री मोदी पर समर्पित। इधर इन्होंने इंदिरा गांधी और अपने नौकरशाह पिता के बारे में एक बयान दिया और कहा कि चूकी इनके पिता एक ईमानदार अधिकारी थे इसलिए इंदिरा जी ने उन्हे किसी भी मंत्रालय में सचिव नही बनाया।

तृणमूल कांग्रेस के राज्य सभा सांसद और पूर्व ब्यूरोक्रेट जवाहर सरकार को जयशंकर का यह बयान चुभ सा गया। वे पुरानी बातो को याद करने लगे। कई तस्वीर उनके आंख के सामने आने लगी। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से पूछा है कि क्या आपको भूलने की बीमारी हो गई है? बहुत हैरानी की बात है कि आपको गांधी परिवार के प्रति मलाल अब याद आ रहा है, जबकि आप कई साल तक उनकी सरकार में वफादारी से नौकरी करते रहे और सबसे बेहतर पोस्टिंग्स का लुत्फ उठाते रहे। क्या ये आपकी भूलने की बीमारी है या अचानक विदेश मंत्री बना दिए जाने के चलते आप बीजेपी से लिपट रहे हैं?

दरअसल एक इंटरव्यू में एस जयशंकर ने कहा था कि उनके पिता के. सुब्रमण्यम बेहद ईमानदार और मेहनती ब्यूरोक्रेट थे। वे जनता सरकार में सेक्रेटरी थे, लेकिन 1980 में इंदिरा गांधी ने जब दोबारा सरकार बनाई तो सबसे पहले उनके पिता को ही पद से हटाया। शायद से उनकी ईमानदारी के चलते हुआ। उन्होंने कहा कि उनके पिता दोबारा कभी सेक्रेटरी नहीं बन पाए। राजीव गांधी की सरकार बनी तो उनके जूनियर को डिफेंस सेक्रेटरी बना दिया गया।

अब जवाहर सरकार ने ट्वीट करके एस जयशंकर के 21 फरवरी के इंटरव्यू पर कई सवाल उठाए हैं। जयशंकर के पिता के हवाले से मोदी को उन्होंने असुर तक कह दिया।जवाहर सरकार ने जयशंकर के पिता के पुराने लेख का हवाला देते हुए मोदी को असुर कहा। उन्होंने ट्ववीट किया, ‘एस जयशंकर के पिता के सुब्रमण्यम ने 2002 के दंगों पर कहा था- “गुजरात में धर्म की हत्या हुई है। जो लोग मासूम नागरिकों को बचाने में नाकाम रहे वे सब अधर्म करने के दोषी हैं। राम ने गुजरात के असुरों राजाओं के खिलाफ अपना धनुष-बाण उठाया होता।” असुरों की नौकरी में लगे बेटे को शर्म आनी चाहिए।’जवाहर सरकार ने ट्वीट में के. सुब्रमण्यम के उनके लेख से जुड़ा एक आर्टिकल भी शेयर किया, जिसमें उनके लेख की खास बातें थीं।

सरकार ने अगले ट्वीट में लिखा, ‘जयशंकर कहते हैं कि बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की टाइमिंग संयोग नहीं है, बल्कि यह दूसरे तरीकों से की जा रही पॉलिटिक्स है। मेरा उनसे सवाल है कि उसमें जो तथ्य दिखाए गए हैं वे सही हैं या गलत? अगर मोदी सरकार पक्षपाती न होती तो क्या हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती थी?’

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