Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। अपने संन्यास की घोषणा करते हुए उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि खिलाड़ी के रूप में उनका सफर अब पूरा हो चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह क्रिकेट से दूरी नहीं बनाएंगे और भविष्य में अपने अनुभव का उपयोग युवा खिलाड़ियों को तैयार करने में करेंगे।
रहाणे के संन्यास के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि उन्हें BCCI की वेलफेयर स्कीम के तहत कितनी पेंशन मिलेगी और रिटायरमेंट के बाद उन्हें कौन-कौन से अन्य लाभ मिलेंगे।
BCCI खिलाड़ियों की पेंशन का पैसा कहां से आता है?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पूर्व खिलाड़ियों के लिए एक विशेष वेलफेयर सिस्टम संचालित करता है। इसके लिए प्लैटिनम जुबली कॉर्पस फंड और अलग वेलफेयर फंड का इस्तेमाल किया जाता है। इन फंडों में आईपीएल प्लेऑफ मुकाबलों और टिकट बिक्री से होने वाली आय का एक हिस्सा भी जोड़ा जाता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य रिटायर हो चुके खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे।
अजिंक्य रहाणे को हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी?
BCCI की मौजूदा पेंशन नीति के अनुसार, जिन खिलाड़ियों ने 25 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेले हैं, वे 70,000 रुपये प्रति माह की पेंशन पाने के पात्र होते हैं।
अजिंक्य रहाणे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। इसी वजह से वह इस उच्च श्रेणी की मासिक पेंशन के लिए पात्र हैं। यह पेंशन उन्हें जीवनभर मिल सकती है, बशर्ते वे योजना की शर्तों का पालन करें।
क्या BCCI और राज्य क्रिकेट संघ दोनों की पेंशन मिल सकती है?
रहाणे घरेलू क्रिकेट में मुंबई का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) की पेंशन योजना के भी पात्र हो सकते हैं। हालांकि नियमों के मुताबिक कोई खिलाड़ी BCCI और राज्य क्रिकेट संघ दोनों से एक साथ पेंशन नहीं ले सकता।
ऐसी स्थिति में खिलाड़ी को किसी एक योजना का चयन करना होता है। आमतौर पर खिलाड़ी उसी पेंशन विकल्प को चुनते हैं, जिसमें आर्थिक लाभ अधिक हो।
किन परिस्थितियों में रुक सकती है पेंशन?
BCCI के नियमों के अनुसार यदि कोई पूर्व खिलाड़ी बोर्ड में ऐसे पद पर नियुक्त होता है, जहां उसे नियमित वेतन मिलता है, तो उस अवधि के लिए उसकी पेंशन रोक दी जाती है। हालांकि पद छोड़ने के बाद पेंशन दोबारा शुरू की जा सकती है।
रहाणे ने अपने संन्यास संदेश में संकेत दिया था कि वह भविष्य में कोचिंग या युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन से जुड़े काम कर सकते हैं।
पेंशन के अलावा मिलेंगे ये बड़े फायदे
पेंशन के अतिरिक्त अजिंक्य रहाणे को इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन (ICA) की संयुक्त मेडिकल इंश्योरेंस योजना का भी लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत उन्हें 10 लाख रुपये तक का मेडिकल इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराया जाता है।
इतना ही नहीं, उनकी पत्नी और 25 वर्ष से कम आयु के अविवाहित बच्चों को भी इसी सीमा तक स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सकता है। यदि किसी बड़े इलाज की जरूरत पड़ती है, तो BCCI के मेडिकल बेनेवोलेंट फंड से अतिरिक्त वित्तीय सहायता लेने का प्रावधान भी मौजूद है।
रिटायरमेंट के बाद भी क्रिकेट से जुड़े रहेंगे रहाणे
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बावजूद अजिंक्य रहाणे ने साफ कर दिया है कि उनका क्रिकेट से रिश्ता खत्म नहीं होगा। आने वाले समय में वह कोचिंग, मेंटरशिप या युवा खिलाड़ियों के विकास से जुड़े किसी नए रोल में नजर आ सकते हैं।

