Israel-Hamas War News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित शांति पहल को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। ट्रंप का कहना है कि हमास कुछ शर्तों के साथ चरणबद्ध तरीके से हथियार छोड़ने पर सहमत हो गया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर इजरायल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे आगे की प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
Trump बोले- शांति की दिशा में बड़ा कदम
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में ट्रंप ने दावा किया कि हमास का यह फैसला मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से इजरायल भी संतुष्ट है, हालांकि इस संबंध में इजरायली सरकार की ओर से कोई सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है।
काहिरा में कई दिनों से चल रही है बातचीत
सूत्रों के अनुसार, शांति योजना के दूसरे चरण को आगे बढ़ाने के लिए मिस्र की राजधानी काहिरा में मध्यस्थों और हमास के प्रतिनिधियों के बीच लगातार वार्ता जारी है। इसी दौरान गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई भी जारी रही, जिसमें स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक दो बच्चों सहित छह लोगों की मौत हुई।
कैसे होगी हथियार छोड़ने की प्रक्रिया?
ट्रंप के दावे के अनुसार, हमास का निशस्त्रीकरण एक साथ नहीं बल्कि कई चरणों में पूरा किया जाएगा। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और लंबे समय से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना है।
गाजा में सत्ता परिवर्तन की भी तैयारी
प्रस्तावित योजना के तहत केवल हथियार छोड़ने की प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि गाजा के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव पर भी चर्चा हो रही है। मौजूदा समय में गाजा का नियंत्रण हमास के पास है, लेकिन भविष्य में किसी अन्य फलस्तीनी प्रशासनिक संगठन को जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है।
हमास ने रखीं अहम शर्तें
हमास की वार्ता टीम के सदस्य गाजी हमाद के अनुसार, किसी भी तरह के निशस्त्रीकरण से पहले कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करना होगा। इनमें इजरायली सेना की गाजा से वापसी, सैन्य कार्रवाई का पूरी तरह बंद होना और मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है।
भारी हथियारों को लेकर क्या है योजना?
हमास से जुड़े सूत्रों का दावा है कि संगठन अपने भारी हथियार गाजा के फलस्तीनी प्रशासन को सौंपने पर विचार कर रहा है। साथ ही यह भी कहा गया है कि इन हथियारों को इजरायल के हवाले नहीं किया जाएगा।
इजरायल की चुप्पी से बढ़ी अनिश्चितता
अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इजरायल की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण शांति प्रक्रिया की सफलता को लेकर कुछ सवाल बने हुए हैं। हालांकि अमेरिका को उम्मीद है कि इजरायल इस पहल का समर्थन करेगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो यह ट्रंप की शांति योजना के लिए बड़ा झटका माना जा सकता है।
कब तक पूरी हो सकती है प्रक्रिया?
शांति प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित दूसरे चरण को पूरा होने में लगभग 200 से 320 दिनों का समय लग सकता है। इस दौरान निशस्त्रीकरण, सत्ता हस्तांतरण और अन्य सहमत बिंदुओं पर क्रमिक रूप से काम किया जाएगा।

