Weather Update Today: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन अब इसकी रफ्तार अलग-अलग क्षेत्रों में अलग नजर आ रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले छह से सात दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम, पश्चिमी और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी देखने को मिल सकती है। वहीं पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई के शेष दिनों में देश के कई इलाकों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हो सकती है। इसके साथ ही तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिसका असर खेती, जल स्रोतों और दैनिक जीवन पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का ताजा हाल।
उत्तर भारत का मौसम
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अधिकांश मैदानी क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज के साथ बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन व्यापक वर्षा की संभावना कम है। तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है।
वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है, जिससे भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर में फिलहाल गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है, जबकि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश का जोर
पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। इन राज्यों के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा असम, मेघालय और अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी लगातार तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। अधिक वर्षा के कारण कई इलाकों में जलभराव, बाढ़ और नदी जलस्तर बढ़ने जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
पश्चिम भारत में कमजोर पड़ेगा मानसून
महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के कई हिस्सों में फिलहाल बारिश की रफ्तार धीमी रहने का अनुमान है। मुंबई में शुरुआती जुलाई के दौरान हुई भारी बारिश के बाद अब कुछ दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है। हालांकि सप्ताह के दूसरे हिस्से में फिर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
गुजरात और राजस्थान में भी केवल छिटपुट बारिश की संभावना है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है।
दक्षिण भारत में बारिश होगी सीमित
कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून कमजोर रहने की संभावना है। कई इलाकों में बारिश कम होने से तापमान में बढ़ोतरी महसूस की जा सकती है।
हालांकि केरल और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बीच-बीच में अच्छी बारिश हो सकती है, लेकिन पूरे दक्षिण भारत में कुल मिलाकर सामान्य से कम वर्षा रहने का अनुमान है।
मध्य भारत में हल्की से मध्यम बारिश
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है। वहीं अधिक नमी और बढ़ते तापमान के कारण उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
17 जुलाई के बाद फिर बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण भारत में फिलहाल मानसून कमजोर बना हुआ है, लेकिन 17 जुलाई के बाद इसमें दोबारा तेजी आने की संभावना है। इसके बाद केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने की उम्मीद है।

