Gold Price Today In India, 27 June 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सप्ताह की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होने से दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा, लेकिन सप्ताह के आखिर में घरेलू बाजार में कीमतों ने शानदार वापसी की। इससे निवेशकों और खरीदारों की नजरें एक बार फिर बुलियन मार्केट पर टिक गई हैं।
शनिवार, 27 जून 2026 को मुहर्रम और सप्ताहांत (वीकेंड) के कारण देश के प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंज और अधिकांश सर्राफा बाजार बंद रहेंगे। ऐसे में शुक्रवार तक के भाव ही शनिवार और रविवार के लिए संदर्भ दर (Reference Rate) माने जाएंगे।
शुक्रवार को सोने और चांदी में आई जोरदार तेजी
स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के अनुसार शुक्रवार को इंदौर के बाजार में सोने की कीमत में करीब 1,200 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस तेजी के बाद सोने का औसत बाजार भाव बढ़कर लगभग 1,44,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया।
सोने के साथ-साथ चांदी में भी शानदार उछाल देखने को मिला। चांदी का भाव करीब 3,500 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर 2,27,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी के सिक्कों की कीमत भी मजबूत होकर लगभग 2,700 रुपये प्रति पीस के स्तर पर कारोबार करती रही।
इससे पहले गुरुवार को आई थी बड़ी गिरावट
शुक्रवार की तेजी से पहले गुरुवार को सर्राफा बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली थी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने का भाव लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कमजोर होकर करीब तीन महीने के सबसे निचले स्तर तक पहुंच गया था।
99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत में लगभग 2,800 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद इसका भाव 1,45,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया था। इससे पहले यह लगभग 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह चांदी में भी बड़ी कमजोरी देखने को मिली थी। इसकी कीमत करीब 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम घटकर 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई थी, जो पिछले छह महीनों के सबसे निचले स्तरों में शामिल रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
घरेलू बाजार में आई इस उठापटक के पीछे वैश्विक बाजार की चाल सबसे बड़ा कारण मानी जा रही है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की ओर बढ़ा, जिससे सोने पर दबाव बना।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत गिरकर लगभग 3,978.06 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जो लंबे समय बाद 4,000 डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे दर्ज की गई। इससे पहले नवंबर 2025 के बाद पहली बार सोना इस स्तर तक फिसला है।
साल 2026 की शुरुआत से अब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में करीब 7.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर जारी अनिश्चितता और डॉलर इंडेक्स की मजबूती का असर बुलियन मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है।
चांदी पर भी बना दबाव
वैश्विक बाजार में चांदी की कीमतों में भी कमजोरी बनी रही। स्पॉट सिल्वर लगभग 0.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57.10 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई, जो पिछले छह महीनों के सबसे निचले स्तरों में से एक माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतों में फिलहाल अस्थिरता बनी रह सकती है। वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, अमेरिकी डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियां आने वाले दिनों में बुलियन मार्केट की दिशा तय करेंगी। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार के अगले रुझान पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

