आज के समय में अधिकतर लोग नींद ना आने की समस्या से परेशान हैं।क्या आप जानते हैं नींद और गट हेल्थ एक दूसरे जुड़े हैं।नई रिसर्च में सामने आया है कि गट हेल्थ का सीधा कनेक्शन नींद से है। स्टडी के अनुसार आंतों में मौजूद गट माइक्रोबायोम का नींद से सीधा कनेक्शन है।अगर गट हेल्थ खराब होती है तो इसका सीधा असर नींद पर पड़ता है।
आतों में करोड़ों की संख्या में गुड बैक्टीरिया, वायरस होते हैं।इन्हें ही गट माइक्रोबायोम कहते हैं। ये ना केवल खाना पचाने में मददगार है बल्कि इम्यूनिटी और हार्मोन को बैलेंस करने में मददगार है।
springer nature में पब्लिश रिपोर्ट के अनुसार जिन लोगों को नींद ना आने की समस्या(अनिद्रा) है, उन लोगों में गट माइक्रोबायोम की समस्या भी देखने को मिली।खराब गट हेल्थ से नींद पर असर पड़ सकता है। दरअसल आंत और दिमाग के बीच कनेक्शन होता है। जिसे गट-ब्रेन एक्सिस कहते हैं। गट और ब्रेन दोनों अंग एक दूसरे को संकेत भेजते हैं।आंतों में कुछ बैक्टीरिया ऐसे केमिकल का निर्माण करते हैं जो कि नींद पर सीधा असर डालते हैं।
ये बैक्टीरिया सेरोटोनिन, मेलाटोनिन और GABA जैसे न्यूरोट्रांसमीटर से, जब गट माइक्रोबायोम का बैलेंस बिगड़ जाता है तो इन केमिकल के प्रोडक्शन पर असर पड़ता है जिससे नींद की समस्या होने लगती है।
जब गट हेल्थ में खराबी होती है तो शरीर में कुछ लक्षण नजर आते हैं। इन लक्षण की पहचान कर आप गट हेल्थ की समस्या को ठीक समय पर ठीक कर सकते हैं।
रात को सोने में दिक्कत आना,
बार-बार नींद खुलना ,सुबह उठते ही थकान महसूस होना,पेट फूलना या गैस की समस्या होना तथा
कब्ज या एसिडिटी की समस्या से
मूड में बदलाव आना।
गट हेल्थ में सुधार करने के लिए आप फाइबर डाइट का सेवन करें।इसके लिए अपनी डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दाल को शामिल कर सकते हैं।
गट हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए आप फर्मेंटेड फूड्स को शामिल कर सकते हैं दही, छाछ और लस्सी का सेवन करें।
तनाव की वजह से भी गट हेल्थ पर असर पड़ता है। ऐसे में तनाव को कम करने के लिए रोजाना योग और मेडिटेशन करें।
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स का कम से कम सेवन करें, ज्यादा मात्रा में चीनी और प्रोसेस्ड फूड्स खाने से गट बैक्टीरिया का लेवल बिगड़ जाता है।

