पश्चिम बंगाल के कोलकाता से एक दिल दहला देने वाली घटना की खबर आई है, ताराताला पुलिस स्टेशन इलाके में ट्रांसपोर्ट डिपो पर बन रहे एक गोदाम की छत गिर गई है, जिससे लगभग 40 से 45 लोग अंदर फंस गए हैं। मलबे में दबने से दो-तीन लोगों की मौत हो गई है। फायर सर्विस और ताराताला पुलिस बचाव अभियान चला रही हैं।
चश्मदीदों के मुताबिक, गोदाम का एक हिस्सा अचानक गिर गया, जिससे लोहे के भारी स्ट्रक्चर और कंक्रीट के स्लैब नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर गए और वो उसके नीचे आकर दब गए। इसके बाद मजदूर और आस-पास के लोग मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए दौड़ने लगे।
शुरुआती रिपोर्ट से पता चलता है कि गोदाम अभी भी बन रहा था।हालांकि यह साफ नहीं है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं या स्ट्रक्चरल कमियों की वजह से यह निर्माणाधीन गोदाम गिर गया। बचाव का काम पूरा होने के बाद पूरी जांच की जाएगी। राहत एवं बचाव कार्य के लिए 100 NDRF सैनिकों को भेजा गया है और न्यूटाउन और कल्याणी दोनों जगहों से स्पेशल टीमें पहले ही भेज दी गई है।
इसे दुर्घटना को लेकर एक बीजपी कार्यकर्ता ने कहा कि इस घटना के आरोपियों को फांसी पर लटका देना चाहिए।हमने मलबे के नीचे से कम से कम 10 लोगों को निकाला है, और कई लोग अभी भी नीचे दबे हुए हैं। इस मामले कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए, सरकारी अधिकारी भी इसमें शामिल हैं। जवाबदेही तय होनी चाहिए, लोग अभी भी मलबे के नीचे से चिल्लाकर अपने बचाव की गुहार लगा रहे हैं।हमें उम्मीद है कि सुवेंदु अधिकारी सरकार, जो गरीबों की सरकार है, न्याय करेगी
राज्य सरकार ने घटना के लिए नबान्ना राज्य सचिवालय में कंट्रोल रूम खोले हैं, साथ ही साथ हेल्पलाइन नंबर 1070, 8697981070, 22143526 और 22535185 भी जारी किया है।

