पटना: बिहार सरकार ने राज्य के शहरी विकास, शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी देकर बड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना, नई शिक्षक स्थानांतरण नियमावली और भोजपुर के शाहपुर पुलिस कार्रवाई मामले की न्यायिक जांच को स्वीकृति प्रदान की गई।
बिहार में विकसित होंगे आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप
कैबिनेट ने राज्य में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत नगर विकास एवं आवास विभाग को ₹1 लाख करोड़ के दीर्घकालिक वित्तीय सहयोग के लिए HUDCO के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) करने की अनुमति दी गई है।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना के जरिए आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे का विकास होगा, नए आवासीय एवं व्यावसायिक केंद्र तैयार होंगे और राज्य में निवेश के अवसर बढ़ेंगे। यह योजना बिहार के शहरीकरण को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए नई नियमावली को मंजूरी
शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने “बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026” को स्वीकृति दे दी है। यह नियमावली राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों तक के शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के स्थानांतरण को विनियमित करेगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षकों के तबादलों में अधिक पारदर्शिता, स्पष्टता और प्रशासनिक सुविधा आने की उम्मीद जताई जा रही है। लंबे समय से शिक्षक संगठनों द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की मांग की जा रही थी।
शाहपुर पुलिस कार्रवाई मामले की होगी न्यायिक जांच
कैबिनेट ने भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुई पुलिस कार्रवाई की घटना की न्यायिक जांच को भी मंजूरी दे दी है। सरकार ने इस मामले की जांच के लिए पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गठित न्यायिक जांच आयोग को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही आयोग के कार्यक्षेत्र और जांच से जुड़े बिंदुओं (Terms of Reference) को भी मंजूरी दी गई है।
विकास, शिक्षा और जवाबदेही पर सरकार का फोकस
इन तीनों फैसलों को राज्य सरकार की विकास, शिक्षा सुधार और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर जहां ₹1 लाख करोड़ की टाउनशिप योजना बिहार के शहरी भविष्य को नई पहचान दे सकती है, वहीं नई शिक्षक स्थानांतरण नीति शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी। दूसरी तरफ शाहपुर मामले की न्यायिक जांच सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

