Bihar News: बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! 23 जून से शुरू होगा कृषि महाअभियान, 60 लाख किसानों को मिलेगा KCC ऋण

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Bihar News: बिहार सरकार किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने और कृषि क्षेत्र को नई गति देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में 23 जून 2026 से व्यापक कृषि महाअभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत 60 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना से जोड़कर ₹1.20 लाख करोड़ का कृषि ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

यह निर्णय विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसमें बैंकिंग संस्थानों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

KCC योजना को बनाया जाएगा जन आंदोलन

बैठक में कहा गया कि बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि की अहम भूमिका है और किसानों तक सस्ती व सुलभ ऋण सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड योजना को राज्यभर में जन-अभियान के रूप में चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ सकें।

अभियान के दौरान पात्र किसानों को खेती और कृषि से जुड़े अन्य व्यवसायों के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से आसान होगा ऋण वितरण

किसानों को तेजी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए जन समर्थ पोर्टल, एग्री स्टैक और ई-केसीसी प्लेटफॉर्म को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था से किसानों की भूमि संबंधी जानकारी स्वतः उपलब्ध हो सकेगी और आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और तेज हो जाएगी।

सरकार का लक्ष्य है कि किसान किसी भी प्लेटफॉर्म पर आवेदन करें, लेकिन उनकी ऋण प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।

55 लाख किसान पहले ही एग्री स्टैक से जुड़े

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक लगभग 55 लाख किसानों को एग्री स्टैक प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र से जुड़े करीब 20 लाख लाभार्थियों का डिजिटल डेटाबेस भी तैयार किया गया है।

इन आंकड़ों के आधार पर कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्र के पात्र लाभार्थियों को अभियान मोड में KCC से जोड़ा जाएगा।

समय पर ऋण चुकाने वालों को मिलेगा ब्याज में लाभ

सरकार द्वारा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के तहत रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को ब्याज अनुदान का लाभ भी मिलता है, जिससे उनकी ऋण लागत काफी कम हो जाती है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को महंगे गैर-संस्थागत कर्ज से बचाना और उन्हें सस्ती वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

सहयोग शिविरों में लगेंगे विशेष KCC कैंप

राज्यभर में नियमित रूप से आयोजित होने वाले सहयोग शिविरों में विशेष किसान क्रेडिट कार्ड कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में किसानों से आवेदन लिए जाएंगे और उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज कर ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। बैंकों ने भी इस पहल में सक्रिय सहयोग देने की सहमति जताई है।

डेयरी और मत्स्य पालन को मिलेगा नया प्रोत्साहन

सरकार का मानना है कि किसान क्रेडिट कार्ड की पहुंच बढ़ने से डेयरी, पोल्ट्री और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा। इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

विशेष रूप से डेयरी क्षेत्र के लिए किसानों, बैंकों और कॉमफेड के बीच त्रिपक्षीय समझौते की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा, जिससे ऋण वितरण और पुनर्भुगतान प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके।

कृषि ऋण वितरण में बेहतर प्रदर्शन

बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (फसल) के तहत 13.24 लाख खातों में लगभग ₹16,500 करोड़ का ऋण वितरित किया गया। वहीं कृषि क्षेत्र के लिए निर्धारित वार्षिक साख योजना के मुकाबले ₹76,193.87 करोड़ का ऋण वितरण किया जा चुका है।

विकास आयुक्त ने बैंकों से मांगा सहयोग

विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना के उद्देश्यों को सफल बनाने में बैंकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बैंकिंग संस्थानों से सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाकर बिहार के समावेशी और तेज विकास के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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