पटना: बिहार में शराबबंदी कानून को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन साहनी की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अवैध शराब के कारोबार, तस्करी और जब्त शराब के विनष्टीकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सशस्त्र सीमा बल (SSB), रेलवे सुरक्षा बल (RPF), रेल पुलिस और पटना एयरपोर्ट प्रशासन के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान राज्य में शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
सभी जिलों में 100% शराब विनष्टीकरण का लक्ष्य
बैठक में मंत्री मदन साहनी ने निर्देश दिया कि जब्त की गई अवैध शराब के विनष्टीकरण की प्रक्रिया को तेज किया जाए। उन्होंने सभी जिलों में जब्त शराब के शत-प्रतिशत विनष्टीकरण का लक्ष्य तय करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
इसके साथ ही सभी मालखानों का नियमित निरीक्षण और सत्यापन करने का निर्देश दिया गया, ताकि जब्त सामग्री के रखरखाव और नष्ट करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।

बड़े शराब माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब केवल छोटे तस्करों ही नहीं बल्कि अवैध शराब कारोबार के बड़े नेटवर्क और सरगनाओं पर भी कार्रवाई तेज होगी। बैठक में ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि शराबबंदी कानून के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
बॉर्डर और चेकपोस्ट पर बढ़ेगी सख्ती
सीमावर्ती इलाकों से होने वाली शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बिहार में प्रवेश करने वाले बड़े मालवाहक वाहनों की गहन जांच की जाए और शराब की खेप को राज्य में प्रवेश करने से पहले ही जब्त किया जाए।
एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सीमा क्षेत्रों में निगरानी और मजबूत की जाएगी।
राजधानी और तेजस जैसी ट्रेनों में होगी विशेष जांच
रेल मार्ग से हो रही शराब तस्करी को रोकने के लिए रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को संयुक्त अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
सरकार ने विशेष रूप से राजधानी एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस और बिहार आने वाली अन्य प्रमुख ट्रेनों में नियमित जांच अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके लिए विशेष जांच दल गठित किए जाएंगे, जो संदिग्ध सामान और यात्रियों की निगरानी करेंगे।
पटना एयरपोर्ट पर चलेगा जागरूकता अभियान
बैठक में पटना एयरपोर्ट प्रशासन को भी विशेष निर्देश दिए गए। एयरपोर्ट परिसर में शराबबंदी कानून से संबंधित सूचना पट्ट, डिजिटल डिस्प्ले और सार्वजनिक उद्घोषणाओं के माध्यम से यात्रियों को बिहार में लागू मद्य निषेध कानून की जानकारी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि जागरूकता बढ़ने से कानून के उल्लंघन की घटनाओं में कमी आएगी।
विभागों के बीच मजबूत होगा समन्वय
बैठक में यह भी तय किया गया कि शराबबंदी कानून के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभाग और एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। सूचना साझा करने की व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सके।
मंत्री मदन साहनी ने कहा कि बिहार सरकार नशामुक्त समाज के निर्माण के अपने संकल्प पर पूरी मजबूती से कायम है और शराबबंदी कानून को सफल बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

