महा शिवरात्रि के तोरणद्वार को लेकर दो पक्षों में मारपीट पत्थरबाजी और आगजनी

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  • बीरेंद्र कुमार झा

पलामू जिला के पांकी बाजार में महाशिवरात्रि पर तोरणद्वार लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया । इस दौरान वहां जमकर पत्थरबाजी हुई । वहां बीच-बचाव करने गए कुछ पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए। इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। हालत पर काबू पाने के लिए एक सौ से अधिक जवान तैनात हैं। तहसील पिपराटांड़ ,लेस्लीगंज समेत कई थाना की पुलिस पांकी पहुंची।जिला के एसपी समेत वरीय अधिकारी पांकी रवाना हो गए हैं।

जिला के वरीय पदाधिकारी कर रहे हैं

पलामू जिला के एसपी चंदन कुमार सिन्हा सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए हैं जिला के उपायुक्त ए दोड्डे भी मौके पर पहुंच गए हैं। जिला के डीएसपी समेत कई अधिकारी पांकी पहुंची पहुंच गए है ।तीन से चार थानों की पुलिस वहां मौके पर तैनात कर दी गई है।

एसपी ने कहा पुलिस कार्रवाई कर रही है

एसपी चंदन कुमार सिन्हा का कहना है कि महाशिवरात्रि को लेकर एक पक्ष की ओर से मस्जिद के पास तोरण द्वार बनाया जा रहा था। दूसरे पक्ष के लोगों के द्वारा तोरण द्वार बनाने से मना किया गया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और पत्थरबाजी हुई। पुलिस ने फिलहाल मामले को शांत करा दिया है और आगे की कार्यवाही करने में जुटी हुई है। एसपी ने यह भी कहा कि तोरण द्वार बनाने को लेकर किसी भी तरह का आवेदन थाना को नहीं दिया गया था।

पाकी में निषेधाज्ञा लागू किया गया

दो समुदायों के बीच इस प्रकार तोरणद्वार लगाने को लेकर हुए संघर्ष के बाद अब वहां निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दिया गया है! घटनास्थल और आसपास के इलाके पर भी पुलिस पैनी नजर रखे हुई है।किसी भी घटना से निपटने के लिए पुलिस तैयार है। घटनास्थल और उसके आसपास के इलाके में दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त कर दिए गए हैं।

आधा दर्जन लोगों के घायल होने की खबर

पलामू प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजकुमार लाकड़ा ने बताया कि तोरणद्वार में हुई तोड़फोड़ के बाद आपसी विवाद शुरू हो गया जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गया।इस हिंसक झड़प में लाठी भांजी गई और पत्थरबाजी की गई,जिसमें लगभग आधा दर्जन लोगों के घायल हो गए। आई जी ने बताया कि तोरणद्वार शिवरात्रि पूजा को ध्यान में रखते हुए एक समुदाय विशेष के श्रद्धालुओं के द्वारा बनाया गया था।

पांकी में कर्फ्यू की स्थिति

इस घटना में हुए पत्थरबाजी तोड़फोड़ और आगजनी के सिलसिले में दोनों समुदाय के कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस का मानना है कि इनमें से कुछ लोग इस घटना में शामिल हैं, जबकि बाकी को पूछताछ के लिए पकड़ा गया है। घटना के बाद पांकी – मेदनीनगर मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। इससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई है। पांकी में घटनास्थल के साथ-साथ आसपास के इलाके के दुकानों को भी एहतियात के तौर पर बंद करा दिया गया है। लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं ।इससे इलाके में कर्फ्यू जैसी स्थिति बन गई है।

यहां पहले भी हुई है कई अप्रिय घटना

पांकी के इस इलाके में पहले भी कई बार अप्रिय घटना घट चुकी है। धार्मिक मामलों को लेकर यह इलाका हमेशा संवेदनशील बना रहता है ।ऐसे में पुलिस की बिना जानकारी में यहां तोरण द्वार का बनना एक बड़ा प्रश्नचिन्ह माना जा रहा है। सवाल यह उठता है कि जब झगड़ा शुरू हुआ तो पुलिस ने तत्काल क्यों इसमें हस्तक्षेप नहीं किया?

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले पर है प्रशाशन की नजर

पलामू के उपायुक्त ए दोड्डे ने लोगों से अपील किया है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। उन्होंने कहा कि पाकी में जो भी हुई है उसको लेकर प्रशासनिक कार्यवाही की जा रही है । प्रशासन ने इस स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण कर चुकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन अपना काम कर रहा है, आप इनपर भरोसा रखें। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ पोस्ट करने पर दंडात्मक कारवाई करने की बात की है।पुलिस की आई टी सेल सोशल मीडिया पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि लोगों द्वारा डाले गए गलत और भड़काऊ बयान से यहां दंगा न भड़क जाए।

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