Bihar News: बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच राज्य सरकार के वित्त विभाग ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। विभाग ने सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों को भ्रामक बताते हुए कहा है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान के लिए स्वीकृत राशि को राज्य की वित्तीय स्थिति से जोड़कर पेश करना आम लोगों को भ्रमित करने का प्रयास है।
वित्त विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्य मंत्रिपरिषद ने 8 जून 2026 को मई, जून और जुलाई माह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 3,662 करोड़ रुपये की व्यवस्था को मंजूरी दी थी। इसे किसी अतिरिक्त फंड या वित्तीय संकट से जोड़कर देखना उचित नहीं है।
आकस्मिकता निधि क्या है, सरकार ने समझाया
वित्त विभाग के अनुसार बिहार आकस्मिकता निधि कोई अतिरिक्त या अलग फंड नहीं है, बल्कि यह बजटीय प्रक्रिया का ही हिस्सा है। जब विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा होता है और किसी योजना के लिए तत्काल धनराशि की जरूरत होती है, तब आकस्मिकता निधि से अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाती है। बाद में इसे विधानसभा से अनुमोदित कराया जाता है।
सरकार का कहना है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं के नियमित संचालन के लिए ऐसी व्यवस्था पहले भी अपनाई जाती रही है और यह पूरी तरह वित्तीय नियमों के अनुरूप है।
400 से बढ़ाकर 1100 रुपये की गई पेंशन
वित्त विभाग ने अपने बयान में कहा कि राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया है। इससे राज्य के लाखों वृद्ध, दिव्यांग और अन्य पात्र लाभार्थियों को सीधा लाभ मिल रहा है।
सरकार का दावा है कि बढ़ी हुई पेंशन राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए ही आवश्यक वित्तीय प्रबंध किए गए हैं।
94 लाख से अधिक लाभुकों के खातों में भेजी गई राशि
विभाग के मुताबिक 10 जून 2026 को 94 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के बैंक खातों में 1100 रुपये प्रतिमाह की दर से कुल 1100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई।
सरकार ने इसे सामाजिक सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताते हुए कहा कि कमजोर और वंचित वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना उसकी प्राथमिकता है।
विपक्ष के आरोपों पर सरकार का जवाब
वित्त विभाग ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों में तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। विभाग का कहना है कि बजटीय प्रावधान और आकस्मिकता निधि की प्रक्रिया को वित्तीय संकट का संकेत बताना सही नहीं है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का संचालन निर्बाध रूप से जारी रहेगा और लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
गरीबों और बुजुर्गों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
वित्त विभाग ने अपने बयान के अंत में कहा कि राज्य सरकार गरीब, वृद्ध, दिव्यांग और वंचित तबकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को लगातार जारी रखने और लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।

