पटना: बिहार के विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को भव्य और यादगार बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पर्यटन विभाग ने इस वर्ष मेला क्षेत्र को पूरी तरह शिवमय स्वरूप देने की योजना बनाई है। इसी कड़ी में पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने विभागीय अधिकारियों और भागलपुर, मुंगेर तथा बांका के जिला प्रशासन के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष श्रावणी मेला का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम से लेकर बिहार सीमा दुम्मा तक पूरे मेला मार्ग को विशेष रूप से सजाया जाएगा। मार्ग में आकर्षक प्रवेश द्वार, आधुनिक लाइटिंग, धार्मिक साज-सज्जा और शिव मंत्रों की गूंज श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगी।
कांवरियों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
पर्यटन विभाग द्वारा मेला क्षेत्र में कांवरियों और श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी, शुद्ध पेयजल, स्नानघर, शौचालय, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाएं और कांवर स्टैंड जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही सूचना एवं मनोरंजन की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी।
इस बार विभिन्न पड़ावों पर बेडयुक्त टेंट सिटी का विस्तार किया जाएगा। सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ परिसर में 500 बेड की व्यवस्था होगी। बांका जिले के अबरखा में 600 बेड, पहली बार धौरी में 200 बेड और गोड़ियारी में 250 बेड की सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं मुंगेर जिले के खैरा और धोबई में 200-200 बेड, पहली बार असरगंज में 300 बेड, तारापुर में 200 बेड तथा संग्रामपुर में 200 बेड की क्षमता वाली टेंट सिटी बनाई जाएगी।
ड्रोन शो, लेजर शो और लाइट एंड साउंड से बढ़ेगी भव्यता
श्रावणी मेला को आकर्षक बनाने के लिए इस बार आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। सुल्तानगंज सहित प्रमुख टेंट सिटी क्षेत्रों में लाइट एंड साउंड शो, फाउंटेन शो, लेजर शो और ड्रोन शो के माध्यम से श्रावणी मेला की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को प्रदर्शित किया जाएगा।
जीविका दीदी की रसोई भी होगी उपलब्ध
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी टेंट सिटी में जीविका दीदी की रसोई संचालित की जाएगी। इसके अलावा स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
पूरे मेला अवधि में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
श्रावणी मेला के उद्घाटन और समापन समारोह को खास बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। वहीं सभी टेंट सिटी में प्रत्येक सोमवार को राज्यस्तरीय कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे, जबकि अन्य दिनों में जिलास्तरीय कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए श्रद्धालुओं का मनोरंजन करेंगे।
कलाकारों के चयन के लिए जिला स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी गठित करने का भी निर्देश दिया गया है।
भागलपुर में बनेंगे 25 स्वीस कॉटेज
पर्यटन विभाग ने भागलपुर में सोनपुर मेले की तर्ज पर 25 स्वीस कॉटेज विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर आवासन सुविधा मिल सकेगी।
पर्यटन विभाग का लक्ष्य इस बार श्रावणी मेला को धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से भी नई पहचान दिलाना है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं और भव्य आयोजन से इस बार का श्रावणी मेला पहले से कहीं अधिक आकर्षक और व्यवस्थित होगा।

