Bihar News: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार, अनियमितता और लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कदम उठाए हैं। इनमें एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है, जबकि कई अंचल अधिकारियों (सीओ) और राजस्व कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर 5 जून को लिए गए निर्णयों के तहत आरोप पत्र गठन, विभागीय जांच, पेंशन कटौती और सेवा से बर्खास्तगी जैसी कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
एक अधिकारी की बर्खास्तगी की अनुशंसा
सबसे बड़ी कार्रवाई राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो सोनी कुमारी के खिलाफ की गई है। विभाग के अनुसार, वे वर्ष 2021 से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थीं। बार-बार स्पष्टीकरण मांगने के बावजूद उन्होंने जवाब नहीं दिया और विभागीय कार्यवाही में भी शामिल नहीं हुईं। इसे गंभीर कर्तव्यहीनता मानते हुए उनके विरुद्ध सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है।
पूर्व सीओ की पेंशन में कटौती
सेवानिवृत्त अंचल अधिकारी नवीन भूषण पर दाखिल-खारिज मामलों में फीफो (FIFO) नियमों का उल्लंघन करने, मनमाने ढंग से मामलों का निष्पादन करने और राजस्व वसूली में लापरवाही बरतने के आरोप साबित हुए हैं। इसके बाद विभाग ने उनकी पेंशन में एक वर्ष तक 5 प्रतिशत कटौती का दंड लगाया है।
कई जिलों के अधिकारियों पर आरोप पत्र
विभाग ने गया, गोपालगंज, सुपौल और वैशाली के कई तत्कालीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी आरोप पत्र गठित करने का निर्णय लिया है।
इन पर दाखिल-खारिज मामलों में कथित रूप से मनमानी करने, फीफो नियमों की अनदेखी, लंबित मामलों को जानबूझकर रोके रखने, अनधिकृत अनुपस्थिति, राजस्व महाअभियान में उदासीनता और विभागीय निर्देशों का पालन नहीं करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
रिश्वत और अनुशासनहीनता के मामलों में भी कार्रवाई
मधुबनी के तत्कालीन अंचल अधिकारी अभय कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है। उन पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तारी की कार्रवाई हो चुकी है।
वहीं भोजपुर के राजस्व अधिकारी दयाशंकर झा के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। उन पर सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान ड्यूटी में रहते हुए शराब के नशे में पाए जाने का आरोप है।
जांच के बाद चेतावनी
कैमूर की तत्कालीन अंचल अधिकारी शशि सिंह के मामले में विभागीय जांच पूरी होने के बाद उन्हें चेतावनी जारी की गई है। जांच में दाखिल-खारिज मामलों में एक जैसे आदेश जारी करने और प्रक्रियागत अनियमितताओं की बात सामने आई थी।
मंत्री का साफ संदेश- भ्रष्टाचार नहीं होगा बर्दाश्त
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही, मनमानी और आम लोगों के कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने के लिए आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
अब तक 32 अधिकारियों पर कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे पहले भी 23 अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद विभाग द्वारा अब तक कुल 32 अंचल और राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाए जा चुके हैं। इसे बिहार राजस्व विभाग में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है।

