हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साथ आई भारत-अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया की चौकड़ी; चीन के कान खड़े

0
7

क्वाड्रीलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग (QUAD) के सदस्य देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य सक्रियता की बैकग्राउंड में समुद्री निगरानी और बंदरगाह ढांचा को मजबूत करने के लिए मंगलवार को नए उपायों की घोषणा की। साथ ही महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार किया। इन नए उपायों की घोषणा नई दिल्ली में समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद की गई। बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की। इसमें अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल हुए।

क्वाड बैठक को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सफल और उपयोगी बताया है। उन्होंने कहा कि बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि को आगे बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई। रूबियो के अनुसार, क्वाड क्षेत्र में सकारात्मक भूमिका निभाने वाला एक महत्वपूर्ण समूह बना हुआ है और यह आने वाले समय में भी क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए नई पहल करता रहेगा

क्वाड की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि क्वाड अब सिर्फ समस्याओं पर चर्चा करने वाला मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह साझेदारी अब ठोस कार्रवाई की दिशा की ओर अग्रसर है। उन्होंने मेजबानी के लिए भारत और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया अब अपनी-अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए कई अहम वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम कर रहे हैं।
वहीं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि बैठक से तीन बड़े निष्कर्ष सामने आए। पहला, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री निगरानी बढ़ाने और समुद्री गतिविधियों की साझा जानकारी तैयार करने पर सहमति बनी। साथ ही बंदरगाह अवसंरचना पर विशेषज्ञ पैनल बनाने, फिजी में एक पायलट पोर्ट परियोजना और समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली केबलों पर सहयोग करने की योजना बनी।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि क्वाड देशों का सहयोग ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन, क्रिटिकल मिनरल्स, समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में लगातार मजबूत हो रहा है। हाल के वैश्विक घटनाक्रमों के बाद इसकीअहमियत और बढ़ गई है। दुनिया जिस तरह नई भू-राजनीतिक चुनौतियों, आर्थिक दबाव और सुरक्षा संकटों का सामना कर रही है, उसमें क्वाड की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। “यह साझेदारी अब केवल रणनीतिक बातचीत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम देना है।

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि क्वाड देश चाहते हैं कि यह समूह ‘मजबूत और असरदार’ बने ताकि वे मिलकर काम करते रहें और अपनी गति बनाए रखें। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र ‘मुक्त, खुला, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध’ होना चाहिए।

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने कहा कि क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक दुनिया को यह ‘स्पष्ट और मजबूत संदेश’ देती है कि यह समूह एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए मिलकर व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देगा। नई दिल्ली में मंगलवार को हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के शुरुआती भाषण में मोटेगी ने कहा कि उन्हें इस बैठक से खास लगाव है।

दूसरा, क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया गया। इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क पर भी हस्ताक्षर हुए। क्वाड इस क्षेत्र में समान सोच वाले अन्य देशों के साथ भी काम करेगा और तीसरा, इंडो-पैसिफिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए नई क्वाड पहल की घोषणा की गई। इसमें तकनीक, प्रबंधन, नीति, अंतरराष्ट्रीय बाजार विश्लेषण और आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा
मोटेगी ने कहा, “मैं जयशंकर को यह बैठक आयोजित करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। सितंबर 2019 में पहली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक मैं शाम‍िल हुआ था। इसलिए मुझे इस बैठक से खास लगाव है। यह क्वाड विदेश मंत्रियों की 11वीं बैठक है और यह दुनिया को एक मजबूत संदेश देती है कि क्वाड एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए व्यावहारिक सहयोग को और मजबूत करेगा।” अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि क्वाड देश चाहते हैं कि यह समूह ‘मजबूत और असरदार’ बने ताकि वे मिलकर काम करते रहें और अपनी गति बनाए रखें। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र ‘मुक्त, खुला, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध’ होना चाहिए।

नई दिल्ली में मंगलवार को हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शुरुआती बयान देते हुए पेनी वोंग ने कहा कि हम चार संप्रभु देश हैं। हमारा अपना-अपना इतिहास है, अपने-अपने हित हैं लेकिन हमारे हितों में काफी समानता है। हम सभी इंडो-पैसिफिक के लिए एक साझा दृष्टि रखते हैं। एक ऐसा क्षेत्र जो मुक्त और खुला हो, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हो। हम सभी अपनी-अपनी खास समझ, अनुभव और ताकत लेकर मिलकर काम करते हैं ताकि ऐसा क्षेत्र बनाया जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here