Bihar News: ERPC की बैठक में बिहार की पहल की सराहना, पूर्वी क्षेत्र में तकनीकी समन्वय को लेकर बड़ा मंथन

0
3

Bihar News: सिक्किम की राजधानी गंगटोक में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय विद्युत समिति (ERPC) की 56वीं तकनीकी समन्वय समिति (TCC) बैठक में बिहार द्वारा प्रस्तुत विभिन्न तकनीकी एजेंडों की जमकर सराहना की गई। बैठक में पूर्वी भारत के बिजली तंत्र को और मजबूत बनाने, ग्रिड स्थिरता बनाए रखने तथा नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम समेत कई राज्यों के विद्युत उपक्रमों और संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बिहार के एजेंडे की हुई विशेष सराहना

बैठक के दौरान बिहार द्वारा ग्रिड फ्रीक्वेंसी मैनेजमेंट, डाटा कलेक्शन और डीवीसी की 400 केवी एसटीयू ट्रांसमिशन लाइनों को ISTS पावर वहन करने वाली नॉन-ISTS लाइन के रूप में प्रमाणित करने से जुड़े मुद्दे उठाए गए। इन तकनीकी प्रस्तावों को क्षेत्रीय विद्युत समूह द्वारा काफी सराहा गया।

ग्रिड स्थिरता और Renewable Energy पर फोकस

ERPC की 56वीं TCC बैठक में ग्रिड फ्रीक्वेंसी प्रबंधन, Renewable Energy Integration, SCADA Upgradation, Captive Power Data Collection और भारत-भूटान के बीच Reactive Energy Accounting जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

बैठक में राज्यों को निर्देश दिया गया कि—

ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए
UFR और AGC सिस्टम को मजबूत किया जाए
Captive Power Portal पर पंजीकरण तेज किया जाए
लंबित बिजली परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए

बिजली क्षेत्र में तकनीकी सुधार पर जोर

बैठक में बिजली क्षेत्र से जुड़े विभिन्न CERC विनियमों पर हितधारकों के साथ प्रस्तावित संवाद सत्र के लिए सुझाव आमंत्रित करने पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने माना कि तकनीकी समन्वय और डेटा आधारित मॉनिटरिंग से पूर्वी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।

कई बड़े अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में BSPTCL के निदेशक (संचालन) अवधेश कुमार सिंह, ERPC के सदस्य सचिव के बी जगताप, PGCIL के कार्यपालक निदेशक ए के नाइक, DVC, JUSNL, WBSETCL, ERLDC और अन्य बिजली कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पूर्वी भारत की बिजली व्यवस्था को मिलेगा फायदा

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीकी बैठकों से राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और भविष्य में बिजली आपूर्ति, ग्रिड प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here