गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही बच्चे ज्यादा समय बाहर खेलना पसंद करते हैं, लेकिन तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ती उमस उनकी सेहत पर गंभीर असर डाल सकती हैं। बच्चों का शरीर बड़ों की तुलना में गर्मी के प्रति ज्यादा संवेदनशील होता है, इसलिए उनमें डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉशन का खतरा जल्दी बढ़ सकता है।
कई बार शुरुआत में दिखने वाले लक्षण सामान्य लगते हैं, लेकिन समय पर ध्यान ना देने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। बाल रोग विशेषज्ञ Dr Deepak Ugra के अनुसार, हीट एग्जॉशन को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह आगे चलकर हीट स्ट्रोक में बदल सकता है। ऐसे में माता-पिता के लिए इसके शुरुआती संकेत पहचानना और तुरंत सही कदम उठाना बेहद जरूरी है।
1. तेज बुखार: अगर बच्चे का तापमान 100°F से 104°F के बीच हो, तो यह हीट एग्जॉशन का संकेत हो सकता है।
2. चिपचिपी त्वचा: तेज गर्मी के बावजूद त्वचा का चिपचिपा और ठंडा महसूस होना शरीर की परेशानी दिखा सकता है।
3. चक्कर आना: बार-बार चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है।
4. सिरदर्द: हीट एग्जॉशन में बच्चों को तेज सिरदर्द की शिकायत हो सकती है।
5. बहुत ज्यादा पसीना आना: जरूरत से ज्यादा पसीना निकलना शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी की ओर इशारा कर सकता है।
4. सिरदर्द: हीट एग्जॉशन में बच्चों को तेज सिरदर्द की शिकायत हो सकती है।
5. बहुत ज्यादा पसीना आना: जरूरत से ज्यादा पसीना निकलना शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी की ओर इशारा कर सकता है।
6. बार-बार प्यास लगना: शुरुआती समय में बच्चे को बहुत ज्यादा प्यास लग सकती है।
7. चिड़चिड़ापन: अगर बच्चा अचानक चिड़चिड़ा या परेशान दिखे, तो इसे इग्नोर ना करें।
8. मांसपेशियों में ऐंठन: पैरों या शरीर में क्रैम्प्स और दर्द महसूस हो सकता है।
9. उल्टी होना: बार-बार उल्टी होना या
बच्चे में हीट एग्जॉशन दिखे तो तुरंत क्या करें?
बच्चे को ठंडी जगह पर ले जाएं-
बच्चे को तुरंत धूप से हटाकर ठंडी जगह या एसी रूम में ले जाएं।
शरीर को ठंडा करें इसे लिए
ठंडे गीले तौलिये से शरीर को पोंछें। चाहें तो 10 मिनट तक हल्का ठंडा शॉवर भी दे सकते हैं।
शरीर को हाइड्रेट करने के लिए
बच्चे को पानी, नींबू पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक दें।
बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए
दोपहर की तेज धूप में बाहर खेलने से बचाएं। (खासतौर पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक)
हल्के और कॉटन कपड़े पहनाएं ताकि त्वचा सांस ले सके और पसीना भी सोक ले।
दिनभर पर्याप्त पानी पिलाएं।
बाहर जाते समय टोपी और छाता इस्तेमाल करें।
ज्यादा देर धूप में रहने से बचाएं।
अगर बच्चा बहुत ज्यादा सुस्त हो जाए, बार-बार उल्टी करे, तेज बुखार हो या फिर पानी ना पी पा रहा हो तो तुरंत डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करना जरूरी है।

