Bihar News: बिहार में सड़क और पुल निर्माण की तस्वीर अब बदलने वाली है। नए कैबिनेट गठन के बाद पथ निर्माण विभाग का कार्यभार संभालते ही मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने बड़ा विजन सामने रखा है। सोमवार को पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने साफ कहा कि बिहार में अब विकास कार्यों में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा और इसके लिए विभागीय अभियंताओं को दूसरे राज्यों में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा।
उन्होंने महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां टेक्नोलॉजी आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हुआ है, जबकि बिहार अभी इस क्षेत्र में काफी पीछे है। अब इस अंतर को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा।
इंजीनियरों को भेजा जाएगा बाहर, सीखेंगे आधुनिक तकनीक
मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि विभागीय अभियंता और अधिकारी दूसरे राज्यों में जाकर आधुनिक निर्माण तकनीकों की बारीकियां सीखेंगे। इसके बाद बिहार में सड़क, पुल और कॉरिडोर परियोजनाओं को हाईटेक तरीके से तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सिर्फ निर्माण ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता और टिकाऊपन पर भी विशेष फोकस रहेगा। विकास कार्यों को प्रमाणिकता और पारदर्शिता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए।
“मैं खुद सिविल इंजीनियर हूं, हर योजना को बारीकी से समझूंगा”
पदभार ग्रहण करने से पहले मंत्री ने विभागीय कार्यालय में विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह खुद सिविल इंजीनियर हैं, इसलिए विकास कार्यों में अपनी तकनीकी दक्षता का पूरा इस्तेमाल करेंगे।
उन्होंने कहा कि विभागीय टीम के साथ बैठकर हर परियोजना को सूक्ष्म स्तर पर समझेंगे और संवाद के आधार पर योजनाओं को लागू किया जाएगा। उनका लक्ष्य सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करना है।
बिहार के मेगा रोड प्रोजेक्ट्स पर हुई बड़ी समीक्षा
विभागीय बैठक में मंत्री को बिहार के कई बड़े रोड और कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स की प्रगति से अवगत कराया गया। विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल ने दिल्ली-कोलकाता NH-19, ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर NH-27, पटना-गया-डोभी कॉरिडोर, आमस-दरभंगा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, पटना रिंग रोड, छपरा-पटना-बख्तियारपुर-पूर्णिया कॉरिडोर और मोकामा-मिर्जो चौकी कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं की जानकारी दी।
मंत्री ने इन परियोजनाओं को राज्य के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि इनके जरिए बिहार में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।
“बजट की कमी विकास में बाधा नहीं बनेगी”
कुमार शैलेंद्र ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि विकास कार्यों में ईमानदारी और पारदर्शिता सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का दबाव या लालच विकास की गुणवत्ता से समझौता नहीं कर सकता।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि बिहार के विकास में बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क और पुल निर्माण में अनुभवी और मान्यता प्राप्त कॉन्ट्रैक्टरों को ही जिम्मेदारी दी जाए ताकि काम की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके और जवाबदेही तय की जा सके।
नीतीश कुमार के रोडमैप को और मिलेगी रफ्तार
मंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास मॉडल की वजह से आज बिहार के किसी भी कोने से पटना पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। अब उनकी कोशिश उस रोडमैप को और अधिक गति देने की होगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया जाएगा।

