Bihar News: जनता दल (यू) विधायक दल के नेता और ग्रामीण विकास विभाग तथा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के मंत्री श्रवण Kumar ने 11 मई की ऐतिहासिक अहमियत को लेकर बड़ा बयान दिया है। रविवार को जारी प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि 11 मई की तारीख भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, साहस और शक्ति का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और संभावित प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने 11 मई 1998 को राजस्थान के पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराया था।
“अटल, कलाम और जॉर्ज फर्नांडिस ने दुनिया को दिखाया भारत का दम”
श्रवण कुमार ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, प्रसिद्ध वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तथा पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस के नेतृत्व और साहसिक निर्णय ने भारत को परमाणु संपन्न देशों की श्रेणी में खड़ा कर दिया।
उन्होंने कहा कि पोखरण-2 सिर्फ परमाणु परीक्षण नहीं था, बल्कि यह भारत की रणनीतिक शक्ति, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का ऐतिहासिक संदेश था।
“मिसाइल मैन” कलाम की दूरदृष्टि ने बदली भारत की रक्षा ताकत
मंत्री ने अपने बयान में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को विशेष रूप से याद करते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा, दूरदृष्टि और देशभक्ति ने भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि ‘मिसाइल मैन’ के रूप में मशहूर डॉ. कलाम ने देश को वैज्ञानिक रूप से मजबूत बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई, जिसकी वजह से आज भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत राष्ट्र के रूप में पहचान बना चुका है।
पोखरण-2 ने दुनिया में बढ़ाई भारत की ताकत
श्रवण कुमार ने कहा कि 11 मई 1998 का दिन भारतीय इतिहास में हमेशा गर्व के साथ याद किया जाएगा। इस परमाणु परीक्षण के बाद भारत दुनिया के शक्तिशाली देशों की कतार में मजबूती से खड़ा हुआ और वैश्विक मंच पर उसकी रणनीतिक स्थिति और मजबूत हुई।
उन्होंने कहा कि यह दिन हर भारतीय के लिए राष्ट्रभक्ति और आत्मगौरव का प्रतीक है। भारत की रक्षा शक्ति को नई ऊंचाईयां प्रदान की।

