Kedarnath Dham: केदारनाथ का शिवलिंग गोल नहीं बल्कि त्रिकोण क्यों है? जानिए बाबा केदार का रहस्यमयी इतिहास

0
9

Kedarnath Dham: उत्तराखंड की पावन वादियों और हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच स्थित केदारनाथ धाम करोड़ों शिव भक्तों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। बाबा केदारनाथ का यह दिव्य धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

केदारनाथ धाम केवल धार्मिक महत्व के कारण ही नहीं, बल्कि अपने रहस्यों और पौराणिक कथाओं की वजह से भी दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां स्थापित शिवलिंग का स्वरूप बाकी ज्योतिर्लिंगों से बिल्कुल अलग माना जाता है। जहां अधिकतर शिवलिंग गोलाकार होते हैं, वहीं केदारनाथ का शिवलिंग त्रिकोणाकार यानी बैल की पीठ के आकार का दिखाई देता है।

पंचकेदार में सबसे प्रमुख है केदारनाथ धाम

बाबा केदारनाथ का धाम पंचकेदार में सबसे प्रमुख माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव ने पांडवों को दर्शन देने के लिए अलग-अलग स्थानों पर अपने स्वरूप प्रकट किए थे। यही कारण है कि केदारनाथ समेत पांच पवित्र स्थलों को पंचकेदार कहा जाता है।

केदारनाथ में स्थापित शिवलिंग लगभग 12 फीट ऊंचा और 12 फीट चौड़ा बताया जाता है। इसकी आकृति त्रिभुजाकार है, जो इसे बाकी ज्योतिर्लिंगों से अलग और रहस्यमयी बनाती है।

महाभारत युद्ध के बाद पांडव पहुंचे भगवान शिव की शरण में

पौराणिक कथा के अनुसार, महाभारत युद्ध खत्म होने के बाद पांडव अपने ही कुल के लोगों के विनाश से दुखी हो गए। उन्हें इस पाप से मुक्ति पाने का मार्ग नहीं मिल रहा था। तब सभी पांडव भगवान शिव की शरण में पहुंचे और क्षमा मांगने लगे।

लेकिन भगवान शिव पांडवों से नाराज थे। उन्होंने पांडवों की परीक्षा लेने के लिए बैल का रूप धारण कर लिया और उनसे दूर रहने लगे। जब पांडव उन्हें खोजते हुए हिमालय पहुंचे तो भीम ने विशाल बैल को पहचान लिया।

भीम ने पकड़ ली बैल रूपी महादेव की पूंछ

कथा के अनुसार, जैसे ही भीम ने बैल की पूंछ पकड़ने की कोशिश की, भगवान शिव भूमि में समाने लगे। इस दौरान बैल की पीठ वाला हिस्सा केदारनाथ में प्रकट हुआ। यही कारण है कि यहां का शिवलिंग बैल के कूबड़ यानी पीठ के आकार का दिखाई देता है।

मान्यता है कि भगवान शिव के अन्य अंग अलग-अलग स्थानों पर प्रकट हुए, जिन्हें आज पंचकेदार के रूप में पूजा जाता है।

श्रद्धालुओं के लिए आस्था और रहस्य का केंद्र

केदारनाथ धाम आज भी श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, आस्था और रहस्य का प्रतीक बना हुआ है। कठिन पहाड़ी रास्तों के बावजूद हर साल लाखों भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और शिव कृपा प्राप्त करते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here