राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में नव पदस्थापित बन्दोबस्त पदाधिकारियों का हुआ प्रशिक्षण, विशेष सर्वेक्षण कार्यों में तेजी लाने पर जोर
पटना, 7 मई।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त कार्यक्रम राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने नव पदस्थापित बन्दोबस्त पदाधिकारियों से कहा कि समय सीमा तय कर सर्वे कार्यों को गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ समय पर पूरा करें। सचिव गुरुवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में आयोजित प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्द्धन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विशेष सर्वेक्षण कार्यक्रम केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि भूमि अभिलेखों को अद्यतन करने और आम लोगों को जमीन का अधिकार अभिलेख अपडेट करने का महत्वपूर्ण अभियान है। ऐसे में सभी पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे तकनीकी दक्षता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। कार्यक्रम के दौरान बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त अधिनियम 2011 और उसमें समय-समय पर किए गए संशोधनों की भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर अधिकारियों और सर्वेक्षण कर्मियों को कर्तव्य एवं दायित्व, प्रपत्र-1 से 25 तक की प्रक्रिया, ग्राम अभिलेखों के संधारण संबंधी बिंदुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही भू-सर्वेक्षण सॉफ्टवेयर, आर-टू-आर सॉफ्टवेयर, शिविर स्कैन रिपोर्ट, भू-नक्शा सॉफ्टवेयर समेत अन्य तकनीकी प्रणालियों के उपयोग का व्यावहारिक जानकारी दी गई। एमआईएस एवं सीवीएमएस प्रणाली के माध्यम से सर्वे कार्यों की निगरानी, रिपोर्टिंग प्रक्रिया से पदाधिकारियों को जहां रूबरू कराया वहीं विभागीय अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने विशेष सर्वेक्षण कार्यों में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान की जानकारी दी।
बता दें कि राज्य में चल रहे बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में औरंगाबाद, बेगूसराय, वैशाली, जहानाबाद, पूर्णिया, सुपौल, जमुई, सारण, रोहतास एवं नालंदा के नव पदस्थापित बन्दोबस्त पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत, विशेष कार्य पदाधिकारी, नवाजिश अख्तर आदि की प्रमुख उपस्थिति रही।

