Bihar News: राजधानी पटना में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान बिहार के उप मुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट कहा कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार का अंतिम लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़ी सभी नीतियां और योजनाएं इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं।
विभागीय समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश
शिक्षा विभाग के सभागार में हुई इस बैठक में उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाएं और विद्यालय में निर्धारित समय तक उपस्थित रहना सुनिश्चित करें।
शिक्षकों को चेतावनी, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर सिस्टम को मजबूत करने का निर्देश दिया।
प्रशिक्षण और मॉड्यूल पर विशेष फोकस
बैठक में यह भी तय किया गया कि शिक्षकों की बहाली के बाद उनके प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षण मॉड्यूल को इस तरह तैयार किया जाएगा कि उसका सीधा लाभ बच्चों के शैक्षणिक विकास में दिखाई दे। साथ ही कक्षा-कक्ष अवलोकन और कौशल विकास कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
NGO और योजनाओं की होगी नियमित समीक्षा
उपमुख्यमंत्री ने एनजीओ के साथ संचालित शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रभाव और परिणाम की समय-समय पर समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का मूल्यांकन किया जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बच्चों को वास्तव में लाभ मिल रहा है।
सात निश्चय-3 और अन्य योजनाओं की प्रगति
बैठक में प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें सात निश्चय-3 के तहत मॉडल स्कूल, स्थानांतरण नीति, पुस्तकालय पात्रता परीक्षा और पीएमश्री पोषण योजना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
शिक्षा सुधार पर सरकार का फोकस
सरकार का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए न केवल योजनाएं बनाना जरूरी है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी ध्यान देना होगा। इस दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

