चाचा नीतीश को 10 में 9 नंबर, अब राजद को कोई भी तोड़ सकता है:तेज प्रताप यादव

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बिहार में मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार की विदाई के बाद सूबे में राजनीति ने भी नई करवट ले ली। बावजूद इसके अब एक बार फिर से आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव सुर्खियों में आ गए हैं। एक न्यूज चैनल पर बातचीत के दौरान जनशक्ति जनता दल अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव दोनों के ही बारे में कई बातें कही हैं। इनमें जदयू के लिए सुकून है तो राजद के लिए बैचैनी वाली बात।

तेज प्रताप यादव से जब ये पूछा गया कि वो नीतीश कुमार को बतौर मुख्यमंत्री 10 में कितने नंबर देंगे तो तेजप्रताप यादव ने कहा कि नीतीश को 9 नंबर मिलने चाहिएं। तेज प्रताप यादव ने आगे कहा कि ‘नीतीश कुमार मेरे पापा लालू प्रसाद यादव के पुराने मित्र रहे हैं। वो तो हमारे चाचा के समान हैं और राजनीति में बहुत वरिष्ठ हैं। अगर हमलोग की बात कीजिएगा तो उनके सामने तो हम बालक ही हैं।

उनसे ये सवाल भी पूछा गया कि उनकी मां राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री पद से अपदस्थ कर ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे। इस पर भी तेज प्रताप यादव ने बड़ा सधा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में ऊपर-नीचे चलता रहता है। लेकिन पारिवारिक और निजी रिश्ते अपनी जगह होते हैं। इस दौरान तेज प्रताप यादव ने मुस्कुराते हुए कहा कि ‘चाचा (नीतीश कुमार) काम के दौरान हमेशा न्यूट्रल रहते थे। लेकिन जिस तरीके से वो अपना पेट सहलाते हैं वो देख कर मुझे बड़ा अच्छा लगता है।

तेज प्रताप यादव ने जब से अपनी अलग पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई है, तब से वो अपने पिता की पार्टी आरजेडी और भाई तेजस्वी यादव को कोसने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। हालांकि इस दौरान वो आरजेडी की धुर विरोधी NDA के बारे में अलग बातें कहते हैं। सम्राट चौधरी के सीएम बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि उनको उम्मीद है कि चाचा नीतीश कुमार के अधूरे काम को सम्राट चौधरी पूरा करेंगे और बिहार के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देंगे।

इसी बातचीत में तेज प्रताप यादव ने आरजेडी के बारे में पूछे गए सवाल पर बड़ी बात कह दी। उन्होंने तेजस्वी यादव पर भी आरोप लगाया। तेज प्रताप यादव ने कहा कि आरजेडी से वो जैसे ही बाहर आए, पार्टी का पतन शुरू हो गया। तेजस्वी यादव पब्लिक से पूरी तरह कट गए हैं और जनसंपर्क भी नहीं कर रहे। ऐसे में आरजेडी की हालत उस मोड़ पर पहुंच गई है जहां इसके सिर्फ 25 विधायक हैं और उन्हें कभी भी कोई भी पार्टी तोड़ कर खुद के साथ ला सकती है।

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