Araria Cyber Crime: बिहार के अररिया जिले से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक साधारण मोबाइल मांगने की घटना ने 19 लाख रुपये की बड़ी ठगी का रूप ले लिया। साइबर थाना अररिया की टीम ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल मांगने के बहाने रचा गया पूरा खेल
पीड़ित तौकिर आलम ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके परिचित ने जरूरी काम का बहाना बनाकर उनका मोबाइल लिया था। मोबाइल लौटाने के कुछ ही समय बाद उनकी पत्नी नाजीश प्रवीण के बैंक ऑफ इंडिया खाते से करीब 19 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
APK App के जरिए की गई हाईटेक ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक खतरनाक APK फाइल के जरिए मोबाइल को हैक किया और बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बना ली। इसी तकनीक का इस्तेमाल कर खाते से बड़ी रकम उड़ा ली गई। यह तरीका तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों का नया चेहरा बनकर सामने आया है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, कई सबूत बरामद
साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच और छापेमारी के आधार पर तीन आरोपियों—मो० बावर, सुमित कुमार झा और तबरेज आलम—को गिरफ्तार किया। उनके पास से 6 मोबाइल फोन, 9 एटीएम कार्ड और 22 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जो इस गिरोह के नेटवर्क की गहराई को दर्शाता है।
गिरोह के अन्य सदस्य फरार, लगातार छापेमारी जारी
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस साइबर गिरोह में गुलरेज, गुफरान और राहुल सहित कई अन्य अपराधी भी शामिल हैं। फिलहाल ये सभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
साइबर पुलिस की बड़ी कामयाबी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
इस पूरे ऑपरेशन को अररिया पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड न करें और अपने मोबाइल व बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखें।

