#The path to justice #easier:#Didi Ahikar Kendra #solving the issues of Jeevika Didis
राज्य में अभी तक 256 केंद्रों का हो रहा संचालन, वर्ष के अंत तक संख्या 421 तक पहुंचाने की तैयारी
पटना, 18 अप्रैल।
समूहों के रूप में काम कर रहीं जीविका दीदियों को अब अपनी समस्या समाधान और हक की रक्षा के लिए इधर-उधर भटकने की समस्या से छुटकारा मिल चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दीदियों की सहूलियत में दीदी अधिकार केंद्र का संचालन किया जा रहा है।
यहां जीविका दीदियां खुद के साथ होने वाली हिंसक घटनाओं में न्याय पाने की दिशा में जहां आसानी से कानूनी सलाह प्राप्त कर ही हैं, वहीं दूसरी ओर उनके दैनिक कामकाज में आने वाली समस्याओं के समाधान का रास्ता तय हो रहा है।
जीविका के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका दीदी अधिकार केंद्रों की स्थापना की जा रही है। फिलहाल पूरे राज्य भर में 256 जीविका दीदी अधिकार केंद्र बनाए जा चुके हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक इन केंद्रों की संख्या 421 करने की योजना है। इसके लिए सरकार से मंजूरी भी मिल चुकी है।
इन जीविका दीदी अधिकार केंद्रों पर समूह की अनुशंसा के अनुसार सात सदस्यों की तैनाती की जा रही है, जहां दीदियां अपनी किसी भी समस्या का आसानी के साथ समाधान प्राप्त कर रही हैं। इन केंद्रों का नियंत्रण चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (सीएनएलयू), पटना की ओर से किया जा रहा है। नियंत्रण कक्ष से दीदियों की जरूरत के अनुसार कानूनी सलाहकार उपलब्ध कराने की भी सुविधा सुनिश्चित की गई है।

