Bihar News: बिहार के कृषि विभाग ने अधिकारियों को नई सोच और ऊर्जा देने के लिए एक अनोखी पहल की है। उत्तराखंड के नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में आयोजित 7 दिवसीय विशेष एडवेंचर प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस ट्रेनिंग में बिहार के 150 कृषि पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जो अब अपने-अपने जिलों में नई ऊर्जा और बेहतर कार्यशैली के साथ लौट चुके हैं।
08 से 14 अप्रैल तक चला हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग प्रोग्राम
यह प्रशिक्षण 08 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक चला, जिसमें सहायक निदेशक, उप निदेशक, उप सचिव और जिला कृषि पदाधिकारी स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान उन्हें शारीरिक मजबूती, मानसिक संतुलन और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की ट्रेनिंग दी गई।
‘फिट अधिकारी ही बना सकते हैं मजबूत सिस्टम’ – नर्मदेश्वर लाल
समापन समारोह में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि एक मजबूत प्रशासन के लिए अधिकारियों का शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कठिन प्रशिक्षण से मिला आत्मविश्वास अब बिहार के किसानों की सेवा और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में काम आएगा।
लीडरशिप और टीमवर्क पर खास फोकस
इस एडवेंचर ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि अधिकारियों में लीडरशिप और टीमवर्क की भावना विकसित करना भी था। कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता, तेजी से निर्णय लेने की योग्यता और टीम के साथ तालमेल बैठाने जैसे गुणों को इस ट्रेनिंग में खास तौर पर निखारा गया।
एक्सपर्ट्स की ट्रेनिंग से बदलेगी कार्यशैली
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा दिए गए इस प्रशिक्षण ने अधिकारियों को नई सोच और आत्मविश्वास दिया है।विभाग का मानना है कि इस अनुभव का सीधा असर अधिकारियों की कार्यशैली पर पड़ेगा और वे अब ज्यादा प्रभावी तरीके से अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकेंगे।
किसानों तक पहुंचेगा ट्रेनिंग का फायदा
इस पहल का अंतिम लक्ष्य बिहार के किसानों को बेहतर सेवा देना है। अधिकारियों के बेहतर प्रशिक्षण से कृषि योजनाओं का क्रियान्वयन तेज और प्रभावी होगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि यह प्रयोग आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

