Bihar News: भारत-नेपाल बॉर्डर पर बड़ा एक्शन! बिहार में अवैध कब्जों पर बुलडोजर, जाली नोट गैंग का भंडाफोड़, मुख्य सचिव की बैठक में बड़ा खुलासा

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Bihar News: बिहार के सीमावर्ती जिलों में भारत-नेपाल सीमा को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग बिहार के तहत आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई बड़े फैसले सामने आए। इस बैठक की अध्यक्षता प्रत्यय अमृत ने की, जिसमें पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, मधुबनी, सीतामढ़ी, किशनगंज, सुपौल और अररिया के डीएम ने अपनी रिपोर्ट पेश की।

नो मैन्स लैंड पर बुलडोजर! सैकड़ों अवैध कब्जे हटाए  गए

भारत-नेपाल सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया।
मधुबनी में 186 अवैध संरचनाएं पूरी तरह ध्वस्त कर दी गई हैं, जबकि किशनगंज में एक महीने के अंदर 34 अतिक्रमण हटाए गए। पश्चिमी चम्पारण में 272 में से 261 कब्जों को हटाया जा चुका है और बाकी के लिए नेपाल प्रशासन से समन्वय किया जा रहा है।

जाली नोट माफिया पर बड़ा प्रहार, लाखों की नकली करेंसी बरामद

सीमावर्ती इलाकों में अपराध और फेक करेंसी के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई है। पूर्वी चम्पारण में 18,500 भारतीय और 25 लाख नेपाली जाली नोटों के साथ 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं सीतामढ़ी में 49 लाख नेपाली और 20,100 भारतीय जाली नोट बरामद किए गए। साइबर फ्रॉड के मामलों में भी कार्रवाई करते हुए 11.66 लाख रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए हैं।

फर्जी आधार-आईडी गैंग का पर्दाफाश, कई गिरफ्तारियां

सीमा पार अपराध को रोकने के लिए फर्जी पहचान पत्र बनाने वाले गिरोहों पर भी शिकंजा कसा गया है। अररिया और मधुबनी में अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है, जहां से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

हाईटेक निगरानी: बॉर्डर पिलर्स पर तकनीक से नजर

सीमा स्तंभों की निगरानी और सत्यापन के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुपौल में सभी क्षतिग्रस्त बॉर्डर पिलर्स की मरम्मत पूरी हो चुकी है, जबकि किशनगंज और सीतामढ़ी में फील्ड सर्वे टीम लगातार काम कर रही है।विदेशी घुसपैठ पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है, जिसमें उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, चीन और अमेरिका के नागरिकों की गिरफ्तारी भी हुई है।

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से बॉर्डर गांवों की बदलेगी तस्वीर

सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम II के तहत बड़े स्तर पर काम हो रहा है। सीतामढ़ी में 24.66 करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल लाइब्रेरी और मॉडल एग्री फार्म बनाए जा रहे हैं।

वहीं किशनगंज में इस योजना के लिए 112.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मधुबनी में 36 गांवों के लिए 253 योजनाएं तैयार हो रही हैं और 250 नए गांव भी जोड़े गए हैं। कृषि को बढ़ावा देने के लिए ड्रैगन फ्रूट, अनानास और चाय प्रोसेसिंग पर भी खास फोकस किया जा रहा है।

सरकार का मिशन: सुरक्षित सीमा और विकसित गांव

मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग बिहार ने साफ किया है कि सीमा सुरक्षा और विकास दोनों को साथ लेकर चलना सरकार की प्राथमिकता है। इस अभियान से न सिर्फ सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

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