Bihar News: बिहार में मत्स्य पालन और डेयरी सेक्टर को नई रफ्तार देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। जल्द ही पटना में राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय खोला जाएगा। यह अहम निर्णय नई दिल्ली के कृषि भवन में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। इस फैसले से राज्य में मछली पालन, डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पटना बनेगा फिशरीज हब, मीठापुर से होगी शुरुआत
नई व्यवस्था के तहत जब तक स्थायी भवन तय नहीं हो जाता, तब तक इस क्षेत्रीय कार्यालय का संचालन पटना के मीठापुर स्थित मत्स्य भवन से किया जाएगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी नहीं होगी और काम तेजी से आगे बढ़ेगा। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के मत्स्य और डेयरी सेक्टर को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए।
केंद्र की बड़ी योजनाओं को मिलेगा बूस्ट
बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, पीएम मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना और एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड जैसी प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन चर्चा हुई। इन योजनाओं के जरिए राज्य में मछली उत्पादन, इंफ्रास्ट्रक्चर और किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा।
दिल्ली में मंथन, बिहार के विकास की बनी रणनीति
बैठक में बिहार सरकार की ओर से सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने भाग लिया और राज्य में चल रही परियोजनाओं की प्रगति से केंद्रीय अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने केंद्र के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर डेयरी, मत्स्य और पशुपालन क्षेत्र में नई संभावनाओं और योजनाओं पर चर्चा की।
डेयरी और फिशरीज सेक्टर में नई उड़ान की तैयारी
केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से इन क्षेत्रों में नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें डेयरी परियोजनाओं की प्रगति, मत्स्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और आने वाले समय में उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा
सरकार का मानना है कि इस पहल से बिहार में ‘नीली क्रांति’ और ‘श्वेत क्रांति’ को नई ऊंचाई मिलेगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार मिलेगा।

