Bihar News: उद्योग विभाग की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में उद्योग मंत्री Dilip Kumar Jaiswal ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि बिहार तेजी से औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व में राज्य में निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बड़े पैमाने पर काम हो रहा है।
5 साल में ₹50 लाख करोड़ निवेश और 1 करोड़ रोजगार का टारगेट
सरकार ने अगले पांच वर्षों में ₹50 लाख करोड़ निवेश आकर्षित करने और 1 करोड़ रोजगार सृजित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके लिए एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और हवाई संपर्क को तेजी से मजबूत किया जा रहा है।
नई नीतियों से निवेशकों को बड़ा फायदा
राज्य सरकार ने निवेश बढ़ाने के लिए कई बड़ी नीतियां लागू की हैं:
- BIIPP 2025: मुफ्त जमीन, पूंजी अनुदान, टैक्स लाभ।
- Bihar Semiconductor Policy 2026: बिहार को टेक हब बनाने की तैयारी।
- Startup Policy, Logistics Policy, Export Policy
इन नीतियों से बिहार देश के सबसे प्रतिस्पर्धी निवेश गंतव्यों में शामिल हो रहा है।
निवेश में बड़ी छलांग, हजारों रोजगार के अवसर
- 2025-26 में 747 निवेश प्रस्ताव प्राप्त
- ₹17,217 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्तावित
- 317 निवेशकों को 404 एकड़ भूमि आवंटित
- ₹5500 करोड़ निवेश और 22,500 रोजगार की संभावना
रिलायंस, आदित्य बिड़ला, मदर डेयरी जैसे बड़े समूहों की भागीदारी
- Ease of Doing Business में सुधार
- National Single Window System से जुड़ा बिहार
- महिलाओं को सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक काम की अनुमति
- उद्योगों के लिए श्रम नियमों में लचीलापन। इससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है।
बड़े प्रोजेक्ट्स से बदलेगी तस्वीर
राज्य में कई मेगा प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है:
- गया में ₹1339 करोड़ की मैन्युफैक्चरिंग सिटी
- बक्सर और पश्चिम चंपारण में SEZ
- फतुहा में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क
- लेदर पार्क, टेक्सटाइल यूनिट और फूड पार्क
बिहार को Industrial Corridor Hub बनाने की दिशा में बड़ा कदम
- स्टार्टअप और उद्यमियों को मिल रहा बढ़ावा
- 1653 स्टार्टअप्स को सपोर्ट
- ₹92 करोड़ से अधिक फंडिंग
- 242 महिला स्टार्टअप्स सक्रिय
- IIT पटना के साथ Zero Lab
युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर
- खादी, हस्तकरघा और MSME को भी मजबूती
- 1143 बुनकरों को आर्थिक सहायता
- खादी मॉल पटना में ₹22 करोड़ की बिक्री
- मधुबनी पेंटिंग कलाकारों को टूलकिट
पारंपरिक उद्योगों को भी नई पहचान
‘समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार’ की ओर तेज कदम: उद्योग विभाग की यह पहल साफ संकेत देती है कि बिहार अब सिर्फ कृषि राज्य नहीं, बल्कि उद्योग, स्टार्टअप और निवेश का उभरता केंद्र बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह बदलाव राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर बड़ा असर डालेगा।

