Bihar News: कीटनाशक वाले खाद्य पदार्थ बन रहे ‘जहर’, कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने दी बड़ी चेतावनी

0
7
  • कीटनाशी अवशेष युक्त खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा: मंत्री

  • रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर जैविक कीटनाशी जैसे नीम तेल, फफूंदनाशी एवं जीवाणुनाशी का प्रयोग कर सकते हैं किसान

  • सुरक्षित, संतुलित और टिकाऊ खेती अपनाकर किसान बढ़ा सकते हैं अपनी उपज की गुणवत्ता

Bihar News: रासायनिक कीटनाशकों का अंधाधुंध उपयोग फसलों की गुणवत्ता, मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ये बातें शनिवार को बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कही है।

उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि कीटनाशकों का प्रयोग केवल अनुशंसित मात्रा में ही करें और सुरक्षित खेती की दिशा में आगे बढ़ें। अनुशंसित दर से अधिक कीटनाशकों के उपयोग से खाद्य पदार्थों में अवशेष बढ़ रहे हैं, जो कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

उन्होंने बताया कि कीटनाशी अवशेष युक्त खाद्य पदार्थ मानव जीवन के लिए हानिकारक होने के साथ-साथ पर्यावरण को भी प्रदूषित कर रहे हैं। इसके प्रभाव से दूध, दही, मांस जैसे पशु-आधारित खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।

उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि कीटनाशकों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए फसल चक्र अपनाएं, प्रतिरोधी किस्मों का चयन करें, कीटों के प्राकृतिक शत्रुओं (परभक्षी एवं परजीवी) का संरक्षण करें तथा एकीकृत कीट-व्याधि प्रबंधन को प्राथमिकता दें। साथ ही, फेरोमोन ट्रैप, लाईट ट्रैप एवं अवरोधक फसल जैसे वैज्ञानिक उपायों को अपनाने पर भी बल दिया।

कृषि मंत्री ने किसानों को रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर जैविक कीटनाशी जैसे नीम तेल, फफूंदनाशी एवं जीवाणुनाशी के प्रयोग की सलाह दी है, जो पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग केवल अंतिम विकल्प के रूप में किया जाए और अत्यधिक विषैले लाल, पीले या नीले लेबल वाले कीटनाशकों के बजाय हरे त्रिकोण लेबल वाले अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों का चयन करें।

उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि सुरक्षित, संतुलित और टिकाऊ खेती अपनाकर किसान न केवल अपनी उपज की गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here