लोकसभा में LPG और संभावित ऊर्जा संकट के मुद्दे पर चर्चा के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार देश में किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद में गंभीर चर्चा सुनने के बजाय हंगामा करने में लगा हुआ है।
लोकसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह विडंबना है कि जब सरकार सप्लाई चेन में संभावित रुकावटों और एलपीजी की उपलब्धता जैसे अहम मुद्दों पर अपनी तैयारी बता रही है, तब भी विपक्ष उनका जवाब सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, ‘वे अपना ही एजेंडा चलाना चाहते हैं। संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय पीते हैं और LPG के बारे में बातें करते हैं। यही है हमारा विपक्ष।’
लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के हंगामे की निंदा करते हुए, ‘अन्य देशों की स्थितियों के कारण भारत में कुछ मुश्किलें आई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कदम उठा रही है। फंड उपलब्ध कराने से लेकर अन्य तैयारियों को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन विपक्ष जनता को उम्मीद न देकर गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कर रहा है। हमको इसकी निंदा करनी चाहिए।’
उन्होंने कहा कि दूसरे देशों के कारण आई मुश्किल में सभी दलों को पार्टी की रूपरेखा से ऊपर उठकर देशहित में एक साथ आना चाहिए था और सरकार का साथ देते हुए जनता के बीच उम्मीद जगानी थी। नागरिकों को परेशानी न हो, प्रधानमंत्री मोदी पूरी ताकत के साथ उसके लिए मेहनत कर रहे हैं। मगर विपक्ष के सदस्यों ने सिर्फ हंगामे को ही अपना काम मान लिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
नेताओं के साथ सीढ़ियों पर बैठकर चाय पीते हुए एलपीजी संकट को लेकर गंभीर नहीं होने और संसद में गतिरोध उत्पन्न करने को लेकर बीजेपी के नेता निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर जमकर भड़ास निकाली।उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला संसद के मकर द्वार पर पिकनिक करने की मनाही रहने के बावजूद ऐसा किया इसलिए उनपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
