सिलेंडर की किल्लत की खबरों के बीच इंडक्शन चूल्हें की डिमांड अचानक बढ़ गई है। मौका देखते हुए कई इंडक्शन चूल्हा बनाने वाली कंपनियों ने अपने इंडक्शन चूल्हों के दाम 5 से 10% तक बढ़ा दिए हैं। ऐसे में अगर आप भी इंडक्शन चूल्हा ऑर्डर करने का सोच रहे हैं, तो पहले जान लेना जरूरी है कि सिलेंडर के मुकाबले इंडक्शन चूल्हें पर खाना बनाने का खर्च कितना आता है। कहीं ऐसा न हो कि आप सिलेंडर पर ज्यादा पैसे खर्च करने से बचने के लिए इंडक्शन खरीदें और ठगे जाएं।
मार्केट में 1000 से 2000 वॉट के इंडक्शन मिलते हैं। आमतौर पर लोग 2000 का इंडक्शन खरीदते हैं और जरूरत के मुताबिक इसे 1000 से 1500 वॉट के बीच जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल करते हैं।इंडक्शन चूल्हे इस समय 1200 से 3000 रुपये तक खरीदे जा सकते हैं। ऐसे में यह पहला खर्च है, जिसे आप ध्यान में रख सकते हैं।अब बात आती है कि एलपीजी गैस और इंडक्शन दोनों में कौन सस्ते में खाना बनाकर दे सकता है।
देशभर के अलग-अलग राज्यों में बिक रहे सिलेंडर के दामों का एक औसत लें तो सिलेंडर की कीमत लगभग 950 रुपये तक मानी जा सकती है।एक सिलेंडर लगभग महीना भर चल जाता है। ऐसे में सिलेंडर पर खाना बनाने का खर्च 950 रुपये माना जा सकता है। वहीं ज्यादातर इंडक्शन 1000 वॉट औसत पावर पर इस्तेमाल किए जाते हैं। एक औसत 4-5 सदस्यों वाले भारतीय परिवार में सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना बनाने में कुल मिलाकर लगभग 4 से 5 घंटे का समय लगता है।
ऐसे में अगर दिन के 4 घंटे 1000W पावर पर इंडक्शन को इस्तेमाल किया जाता है। तो 4000 W के लिहाज से हर दिन लगभग 4 यूनिट बिजली खर्च होगी। ऐसे में महीने भर में इंडक्शन लगभग 120 यूनिट बिजली खर्च करेगा। अब अगर बिजली की यूनिट 8 रुपये है, तो महीने भर इंडक्शन इस्तेमाल करने पर आपको 960 तक खर्चने पड़ सकते हैं। ऐसे में देखा जाए, तो इंडक्शन या सिलेंडर पर खाना बनाने का खर्च लगभग एक बराबर पड़ता है। हालांकि कुछ अतिरिक्त कारण ऐसे हैं जिनके चलते इंडक्शन चूल्हा, एलपीजी सिलेंडर से थोड़ा सस्ता पड़ सकता है।
LPG सिलेंडर के मुकाबले इंडक्शन पर खाना बनाना थोड़ा सस्ता इसलिए पड़ सकता है क्योकि इंडक्शन पर खाना सिलेंडर की आंच के मुकाबले तेजी से गर्म होता है। इससे समय बचता है और बिजली कम समय के लिए इस्तेमाल होती है।
LPG गैस के साथ समस्या है कि जब आप गैस जलाते हैं, तो उसकी सिर्फ 40-55% गर्मी ही बर्तन तक पहुंचती है। बाकी गर्मी हवा में बर्बाद होती है। इस वजह से गैस पर खाना बनाने में इंडक्शन चूल्हे के मुकाबले ज्यादा समय लगता है और आखिर में इससे खर्च बढ़ता है।
इंडक्शन चूल्हा बिजली पर निर्भर है। ऐसे में अगर आपके इलाके में बिजली कम आती है या पावर कट ज्यादा लगते हैं, तो भी इंडक्शन चूल्हा लेने से पहले सोच लें क्योंकि इंडक्शन चूल्हा हाई वोल्टेज की वजह से इनवर्टर आदि पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
