स्मार्ट टीवी में यूट्यूब देखने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों की इस रुचि को यूट्यूब ने भुनाना शुरू कर दिया है। इस महीने की शुरुआत में गूगल ने बताया था कि जो लोग अपने स्मार्ट टीवी में यूट्यूब ऐप इस्तेमाल करते हैं, उन्हें 30 सेकंड के लंबे विज्ञापन देखने होंगे। उन विज्ञापनों को स्किप नहीं किया जा सकेगा। एंड्रॉयड हेडलाइंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये विज्ञापन टीवी में यूट्यूब देखते वक्त आएंगे। खास बात है कि मोबाइल और लैपटॉप में अभी इतने लंबे विज्ञापन दिखाए नहीं जा रहे।
अभी तक यूट्यूब वीडियो देखते वक्त 5 सेकंड बाद Skip Ad बटन आ जाता था। लोग विज्ञापन को स्किप करके वीडियो देखने लगते थे। टीवी के लिए इस सुविधा को अब खत्म किया जा रहा है, जिसे यूट्यूब ने सिनैमैटिक एक्सपीरियंस नाम दिया है।
रिपोर्ट (REF.) के अनुसार, आंकड़ों से पता चला है कि टीवी पर यूट्यूब देखना अब लोगों की आदत बन रहा है। मोबाइल और लैपटॉप के मुकाबले यूट्यूब पर वीडियोज अधिक देर तक देखे जाते हैं। शायद इसी वजह से यूट्यूब लोगों की इस आदत को भुनाना चाह रहा है। यह कंपनी के रेवेन्यू को बढ़ाने में मदद करेगा
रिपोर्ट के अनुसार, यूट्यूब यूजर्स को विज्ञापन कब दिखाया जाना है, इसके लिए यूट्यूब एआई पर बहुत ज्यादा निर्भर है। यह तीन तरह से काम करता है। बंपर ऐड्स यानी 6 सेकंड के छोटे विज्ञापन। दूसरा है स्टैंडर्ड ऐड्स यानी 15 सेकंड के नॉर्मल विज्ञापन। तीसरा और सबसे प्रमुख है- 30 सेकंड के विज्ञापन जो सिर्फ टीवी यूजर्स को दिखाए जाएंगे। एआई किसी भी यूजर के सामने तब विज्ञापन प्रस्तुत करेगा जब वह रिलैक्स मूड में वीडियो देख रहा होगा। इसका मकसद यह है कि यूजर उस विज्ञापन को पूरा देखे।
रिपोर्ट बताती है कि यूट्यूब सिर्फ अपना रेवेन्यू ही नहीं बढ़ा रहा, वह उन लोगों पर भी नकेल कस रहा है जो ऐड-ब्लॉकर्स का इस्तेमाल करते हैं यानी ऐसे सॉफ्टवेयर का यूज जो यूट्यूब पर विज्ञापन नहीं चलने देते। रिपोर्ट कहती है कि कंपनी चाहती है कि लोग विज्ञापन देखें या फिर यूट्यूब का प्रीमियम सब्सक्रिप्शन खरीदें। कहा जाता है कि कंपनी कुछ देशों के लिए यूट्यूब ‘प्रीमियम लाइट’ प्लान को टेस्ट कर रही है। इसकी कीमत 70 से 80 रुपये प्रतिमाह के आसपास हो सकती है। इस प्लान में यूजर को पूरी तरह ऐड फ्री एक्सीपरियंस तो नहीं मिलेगा लेकिन विज्ञापनों की संख्या काफी कम हो जाएगी।
यूट्यूब की विज्ञापन पॉलिसी का विरोध भी देखा जा रहा है। हाल ही में वियतनाम ने इसको लेकर कड़ा रुख अपनाया है और वीडियो शुरू होने से पहले आने वाले विज्ञापनों को 5 सेकंड तक सीमित कर दिया है
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