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क्या है Unitree Go2 रोबोट जिसे अपना बताकर व‍िवादों में घ‍िरी गलगोटिया यूनिवर्सिटी

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इंडि‍या एआई इम्‍पैक्‍ट सम‍िट 2026 में एक रोबोट की वजह से व‍िवाद हो रहा है। 17 फरवरी को गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चीनी कंपनी यून‍िट्री के Unitree Go2 रोबोट को अपना रोबोटिक डॉग बताकर पेश किया था। मामला सोशल मीड‍िया में आने के बाद यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी गई। 18 फरवरी को गलगोटिया यूनिवर्सिटी को AI समिट से बाहर कर दिया गया। यूनिवर्सिटी के पवेलियन की ब‍िजली काट दी गई। वहां कोई भी मीडिया से बात करने को तैयार नहीं है। उस रोबोडॉग को हटा दिया गया है, ज‍िसकी वजह से व‍िवाद हुआ। रोबो डॉग का असली नाम Unitree Go2 है। आखिर ऐसा क्या खास है चीनी कंपनी के इस रोबो डॉग में, जिसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपना बताया। रोबोट की खासियत और फीचर्स हम आपको बता रहे हैं।

जिस रोबोट की वजह से गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवादों में फंसी है और उसे एआई समिट से बाहर कर दिया गया है, उसका नाम यूनिट्री Go2 है। बता दें कि एडवांस्ड फीचर्स वाले इस रोबो डॉग में चार पैरे लगाए गए हैं। इसे चार पैरों वाला रोबोटिक डॉग भी कहा जाता है। इसे चीनी रोबोटिक्स कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स ने बनाया है। यह कोई प्रोटोटाइप या एक्सपेरिमेंटल मशीन नहीं है, बल्कि यह एक रेडी-टू-बाय कमर्शियल रोबोट है। ये भारत समेत दुनिया के अन्य कई देशों में बिक्री के लिए उपलब्ध है।

फीचर्स की बात करें तो यह रोबोटिक डॉग Unitree Go2 AI-पावर्ड है। इसे रिसर्च, निगरानी, जांच और पढ़ाई-लिखाई में इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है। रोबो डॉग में कई सेंसर लगे हैं। यह इंटेलिजेंट नेविगेशन क्षमताएं के साथ आता है। रोबो डॉग की खासियत में AI-पावर्ड नेविगेशन सिस्टम शामिल है। हाई-स्पीड मोबिलिटी वाला यह रोबो डॉग सीढ़ियां या ऊबड़-खाबड़ जमीन पर भी चढ़ जाता है।

इसे रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है और यह ऑटोनॉमस मूवमेंट मोड के साथ आता है। सर्विलांस और इंस्पेक्शन के कामों के लिए इस रोबो डॉग में कैमरे और सेंसर लगे हैं। इसका इस्तेमाल रोबोटिक्स रिसर्च, सिक्योरिटी और ऑटोमेशन के लिए दुनिया भर में किया जा रहा है। रोबोट अपने आप चल सकता है, कमांड मान सकता है, रुकावटों से बच सकता है और बेसिक सर्विलांस भी आसानी से कर सकता है।
इसके कुछ वेरिएंट एडवांस्ड कैमरे और मैपिंग सिस्टम के आते हैं, जो रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डेटा कलेक्शन की सुविधा देते हैं। कंपनी रोबोट को ऑनलाइन और ग्लोबल डिस्ट्रीब्टूर्स के जरिए बेच रही है। कीमत की बात करें तो भारत में वेरिएंट और एडवांस फीचर्स के आधार पर रोबो डॉग के दाम अलग-अलग हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इसकी कीमत 2 लाख से 5 लाख रुपये के बीच है।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने एआई समिट में इस रोबो डॉग को अपना रोबोट बताया। रोबोट को कथित तौर पर एक अलग नाम से दिखाया गया था और इसे यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का बनाया हुआ प्रोडक्ट बताया गया। हालांकि, इवेंट के वीडियो वायरल होने के बाद ऑनलाइन यूजर्स ने तुरंत इसे यूनिट्री Go2 के तौर पर पहचान लिया। इस पर यूनिवर्सिटी की काफी आलोचना की गई। आखिरकार एग्जिबिशन एरिया से यूनिवर्सिटी का स्टॉल हटा दिया गया।

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