फोन अगर अचानक पानी में गिर जाए या तेज बारिश में पूरी तरह भीग जाए तो ऐसा लगता है जैसे दिल ही बैठ गया हो। ऐसे हादसे कभी भी हो सकते हैं। फोन पानी की बाल्टी में गिर सकता है या बारिश में जेब से फिसलकर भीग सकता है। पानी लगते ही फोन बहुत जल्दी खराब होते हैं।लेकिन अगर आप तुरंत सही कदम उठा लें, तो फोन के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों को ज्यादा नुकसान होने से बचाया जा सकता है।आइए आपको बताते हैं पांच आसान और काम के टिप्स जो आपके डिवाइस को बचाने में मदद कर सकते हैं।
पानी लगने के बाद सबसे पहले और सबसे जरूरी काम है फोन को तुरंत बंद कर देना।अगर फोन में करंट चलता रहेगा तो पानी अंदर जाकर शॉर्ट सर्किट कर सकता है।इसलिए बार-बार बटन दबाकर ये चेक मत करें कि फोन चल रहा है या नहीं। बस सीधा स्विच ऑफ कर दें। अगर फोन पहले से ही बंद है, तो उसे ऑन करने की कोशिश न करें।
सबसे पहले फोन को बाहर से अच्छे से सुखा लें। किसी मुलायम और सूखे कपड़े से उसे धीरे-धीरे पोंछें।चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर वगैरह में अगर पानी चला गया हो तो फोन को हल्का सा हिलाकर एक्स्ट्रा पानी निकालने की कोशिश करें।लेकिन ध्यान रहे हेयर ड्रायर, माइक्रोवेव या सीधी धूप में रखने जैसी गलती बिल्कुल न करें।ज्यादा गर्मी फोन के अंदर के पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकती है और नमी को और अंदर तक धकेल सकती है।
अक्सर लोग गीला फोन चावल के डिब्बे में डाल देते हैं। लेकिन सच तो यह है कि चावल अंदर की नमी को ठीक से नहीं खींच पाता।इससे ज्यादा फायदा तब होगा जब आप फोन को किसी सूखी और हवा वाली जगह पर रख दें।अगर घर में सिलिका जेल के छोटे पैकेट (जो जूते के डिब्बे में मिलते हैं) पड़े हों, तो वो नमी सोखने में ज्यादा असरदार होते हैं।
फोन को अच्छे से सुखाने के बाद उसे ऑन करके चेक करें कि सब ठीक से काम तो कर रहा है या नहीं। ध्यान दें कि स्क्रीन झिलमिला तो नहीं रहा, आवाज सही आ रही है या टूट-फूट वाली लग रही है, फोन चार्ज हो रहा है या नहीं, या फिर ज्यादा गर्म तो नहीं हो रहा।
कुछ स्मार्टफोन में अंदर लिक्विड डैमेज इंडिकेटर लगा होता है। यह पानी लगने पर अपना रंग बदल देता है। अगर फोन का नेचर थोड़ा भी अजीब लगे, तो देर न करें और तुरंत सर्विस सेंटर पर दिखा दें। ज्यादा इंतजार करने से अंदर जंग बढ़ सकती है और नुकसान बड़ा हो सकता है।
जब आपका फोन दोबारा ठीक से चलने लगे, तो सबसे पहले उसका पूरा डेटा क्लाउड या कंप्यूटर में बैकअप कर लें। पानी लगने के बाद कई बार दिक्कतें तुरंत नहीं आतीं, बल्कि कुछ दिन या हफ्तों बाद भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में अगर पहले से बैकअप होगा तो आपका जरूरी डेटा सेफ रहेगा।
