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क्यों होता है ब्रेन हैमरेज? जानें इसके कारण, प्रकार और बचाव के सबसे जरूरी तरीके

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ब्रेन हैमरेज स्ट्रोक का एक गंभीर रूप है, जिसमें दिमाग की किसी ब्लड बेसल्स के फटने या लीक होने से खून बहने लगता है। इससे ब्रेन की सेल्स तक ऑक्सीजन और पोषण नहीं पहुंच पाता, जिससे जान को खतरा या स्थायी नुकसान हो सकता है। ब्रेन हैमरेज मेडिकल इमरजेंसी है। अगर समय पर इलाज मिल जाए तो ब्रेन को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है और जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। देरी होने पर स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है।

जब दिमाग की नस फटती है तो खून आसपास के टिश्यू में फैल जाता है।इससे सूजन होती है, खून का थक्का बन सकता है और दिमाग पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे जरूरी ब्रेन फंक्शन प्रभावित होते हैं।

खोपड़ी एक सख्त ढांचा है, जिसमें दिमाग के पास फैलने की जगह नहीं होती. ऐसे में खून या सूजन बढ़ने पर दबाव सीधे दिमाग पर पड़ता है और ब्लड फ्लो कम हो जाता है।

starsinsider की रिपोर्ट के अनुसार, हैमरेज को उसके स्थान के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में डिवाइड किया जाता है।एपिड्यूरल हैमरेज खोपड़ी और दिमाग की बाहरी परत के बीच होता है और अक्सर सिर में चोट से जुड़ा होता है।सबड्यूरल हैमरेज दिमाग की परतों के बीच होता है और यह अचानक या धीरे-धीरे भी हो सकता है, खासकर बुजुर्गों में। सबअरेक्नॉइड हैमरेज आमतौर पर तेज सिरदर्द के साथ आता है और एन्यूरिज़्म या चोट से हो सकता है।इंट्रासेरेब्रल हैमरेज सीधे दिमाग के टिश्यू में होता है और यह हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ा पाया जाता है। इंट्रावेंट्रिकुलर हैमरेज दिमाग की अंदरूनी कैविटी में खून बहने से होता है।

50 साल से कम उम्र के लोगों में सिर की चोट ब्रेन हेम्रेज का सबसे बड़ा कारण है।वहीं लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से नसें कमजोर होकर फट सकती हैं।एन्यूरिज़्म भी एक बड़ा रिस्क फैक्टर है।í

ब्रेन हैम्बरेज में अचानक तेज सिरदर्द, दौरे, नजर धुंधली होना, हाथ-पैर में कमजोरी या बोलने में दिक्कत जैसे लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे में तुरंत इमरजेंसी मदद जरूरी है।

CT स्कैन और MRI से हैमरेज की जगह और गंभीरता पता चलती है। इलाज में ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने, दौरे रोकने की दवाएं और जरूरत पड़ने पर सर्जरी शामिल होती है।

हैमरेज के बाद याददाश्त, ध्यान और व्यवहार पर असर पड़ सकता है। फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी और लाइफस्टाइल में बदलाव से रिकवरी में मदद मिलती है। हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना, धूम्रपान से दूरी और हेल्दी डाइट अपनाना ब्रेन हैमरेज से बचाव में अहम भूमिका निभाता है।

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