आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सभी कभी न कभी अपने शरीर की जरूरतों को नजरअंदाज कर देते हैं।ऑफिस की मीटिंग हो, स्कूल या कॉलेज की क्लास, लंबा सफर या फिर पास में वॉशरूम न होना, ऐसी कई परिस्थितियां होती हैं जब हम पेशाब को रोककर रखते हैं। कई बार तो हम जानबूझकर भी पेशाब टाल देते हैं, यह सोचकर कि थोड़ी देर और रुक जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बार-बार और लंबे समय तक पेशाब रोकने की यह आदत आपकी सेहत पर क्या असर डाल सकती है।
शरीर हमें बार-बार संकेत देता है कि कब पेशाब करना जरूरी है, लेकिन जब हम इन संकेतों को अनदेखा करते हैं, तो यह आदत धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है। खासतौर पर किडनी, ब्लैडर और पूरे यूरिनरी सिस्टम के लिए यह बहुत नुकसानदायक हो सकता है। तो आइए जानते हैं कि ज्यादा देर तक पेशाब रोकने से किडनी कैसे खराब हो सकती है और इससे कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किडनी लगातार खून को साफ करके यूरिन बनाती रहती है।जब हम पेशाब रोकते हैं, तो यूरिन ब्लैडर में जमा होता जाता है। अगर यह दबाव लंबे समय तक बना रहे, तो यह दबाव उल्टा किडनी की ओर जाने लगता है, जिससे किडनी पर जोर पड़ता है और उसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम हो सकती है।यूरिन के जरिए शरीर से टॉक्सिन, बैक्टीरिया और अतिरिक्त नमक बाहर निकलते हैं।पेशाब रोकने पर ये गंदे तत्व बाहर नहीं निकल पाते और शरीर में जमा रहने लगते हैं। इससे किडनी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और किडनी की कोशिकाएं धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं।
पेशाब को ज्यादा देर तक रोकने से निम्नलिखित बीमारियां हो सकती हैं:-
1. यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) – जब हम पेशाब रोकते हैं, तो यूरिन में मौजूद बैक्टीरिया बाहर नहीं निकल पाते, ये बैक्टीरिया मूत्र मार्ग में बढ़ने लगते हैं और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो सकता है। UTI के लक्षण पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब की इच्छा, कम पेशाब आना, पेशाब से बदबू, पेट या कमर में दर्द महिलाओं में UTI का खतरा ज्यादा होता है, लेकिन पुरुष भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।
2. किडनी स्टोन (पथरी) – जब आप कम पानी पीते हैं और पेशाब रोकते हैं, तो यूरिन ज्यादा गाढ़ा हो जाता है। इससे मिनरल्स जमा होने लगते हैं और किडनी स्टोन बन सकते हैं।किडनी स्टोन से तेज असहनीय दर्द, उल्टी, पेशाब में खून जैसी समस्याएं हो सकती हैं।कई मामलों में सर्जरी तक की जरूरत पड़ जाती है।
3. ब्लैडर की मांसपेशियों का कमजोर होना – लगातार पेशाब रोकने से ब्लैडर की मांसपेशियों पर ज्यादा जोर पड़ता है। इससे पेशाब कंट्रोल करने में दिक्कत, पेशाब अपने आप निकल जाना (Urinary Incontinence), बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। इसे ब्लैडर डिसफंक्शन भी कहा जाता है।
4. पहले से बीमार लोगों के लिए ज्यादा खतरा – कुछ लोगों को पेशाब बिल्कुल नहीं रोकना चाहिए। जैसे प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या वाले पुरुष, डायबिटीज के मरीज, पहले से किडनी की बीमारी वाले लोग, यूरिन रुकने की समस्या वाले लोग, इनमें किडनी खराब होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है।
