फल या फल का रस, कौन देता है ज्यादा हेल्थ बेनिफिट्स? जानिए एक्सपर्ट की राय

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आजकल सेहत को लेकर लोग पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं। खासतौर पर डायबिटीज जैसी बीमारी में यह समझना बहुत जरूरी हो जाता है कि क्या खाना सही है और क्या नहीं, अक्सर लोग सोचते हैं कि फल का जूस पीना ज्यादा हेल्दी होता है, क्योंकि वह फल से ही बना होता है।लेकिन क्या सच में जूस उतना ही फायदेमंद है जितना पूरा फल।डाइटीशियन के अनुसार, डायबिटीज के मरीज हो या बिल्कुल हेल्दी लोग, दोनों के लिए फल खाना जूस पीने से कहीं ज्यादा बेहतर और सुरक्षित ऑप्शन है।ऐसे में आइए जानते हैं कि फल और फल के जूस में क्या फर्क है, जूस क्यों नुकसान कर सकता है और फल क्यों सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद माने जाते हैं।

फल का जूस निम्नलिखित कारणों से हमेशा सही नहीं होता है:-

1. ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकता है – जब फल को जूस बना दिया जाता है, तो उसमें मौजूद नेचुरल शुगर बहुत जल्दी शरीर में पहुंच जाती है।खासकर बाजार में मिलने वाले पैक्ड जूस या ज्यादा मीठे जूस ब्लड शुगर को अचानक बढ़ा सकते हैं।यह डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है।
2. फाइबर खत्म हो जाता है – फल का सबसे बड़ा फायदा उसका फाइबर होता है. लेकिन जूस बनाते समय यह फाइबर लगभग निकल जाता है।फाइबर न होने की वजह से शुगर सीधे ब्लड में जाता है और शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है.

3. कैलोरी और चीनी ज्यादा मिलती है – एक गिलास जूस में कई फलों की मात्रा होती है।इससे शरीर को जरूरत से ज्यादा कैलोरी और शुगर मिल जाती है, जो वजन बढ़ाने और शुगर कंट्रोल बिगाड़ने का कारण बन सकती है।

डाइटीशियन मुस्कान कुमारी बताती हैं कि अगर डायबिटीज का मरीज जूस लेना ही चाहता है, तो उसे सिर्फ घर का बना ताजा जूस लेना चाहिए, पैक्ड जूस बहुत कम मात्रा में लेना चाहिए और बहुत मीठे जूस से तो पूरी तरह बचना चाहिए।
फल खाना निम्नलिखित कारणों से हमेशा जूस पीने से ज्यादा फायदेमंद माना जाता है:-

1. फाइबर से शुगर रहतता है कंट्रोल – पूरा फल खाने से शरीर को भरपूर फाइबर मिलता है।यह फाइबर शुगर को धीरे-धीरे ब्लड में पहुंचने में मदद करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता।

2. विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर – फल खाने से शरीर को जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स मिलते हैं, जो इम्यूनिटी मजबूत करते हैं और शरीर को बीमारियों से बचाते हैं।

3. प्राकृतिक मिठास होती है सुरक्षित – फलों में मौजूद मिठास प्राकृतिक होती है।सही मात्रा में फल खाने से यह मिठास शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि एनर्जी देती है।

4. हेल्दी स्नैक का बेस्ट ऑप्शन – भूख लगने पर फल खाना एक बेहतरीन स्नैक ऑप्शन है. यह पेट भी भरता है और अनहेल्दी चीजें खाने से बचाता है।

डायबिटीज के मरीजों के साथ-साथ नॉर्मल लोगों को भी रोजाना फल खाने की आदत डालनी चाहिए। फल न सिर्फ शुगर कंट्रोल में मदद करते हैं, बल्कि पूरे शरीर को स्वस्थ रखते हैं। अगर आपके आसपास कोई डायबिटीज से पीड़ित है, तो यह जानकारी उनके लिए बहुत जरूरी है। और अगर नहीं है, तब भी अपनी सेहत के लिए फल को जूस से ऊपर रखें।

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