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बिहार में NEET छात्रा की मौत : आखिरी कॉल मां को… फिर मोबाइल स्लीप मोड में! क्यों?

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छात्रा की रहस्यमयी मौत के बाद राज्य की राजनीति भी तेज हो गई है, वहीं यह मामला अब पूरे बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है। NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का यह प्रकरण जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इसमें नए और गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।पुलिस जांच में जब भी इस केस की एक परत खुलती है, तो दूसरी परत उससे कहीं ज्‍यादा चौंकाने वाली होती है। अब जांच में सामने आया नया तथ्य पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना रहा है, जिससे छात्रा की मौत को लेकर रहस्य और ज्यादा गहराता जा रहा है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि छात्रा ने अपनी आखिरी कॉल पर अपनी मां से बात की थी।यह कॉल रात के करीब 9 बजे की गई थी। इसके बाद लड़की का मोबाइल स्‍लीप मोड में चला गया। छात्रा की ओर से की गई यह कोई सामान्य कॉल नहीं थी, बल्कि वही कॉल उसके मोबाइल की आखिरी गतिविधि थी। मां से बात करने के बाद मोबाइल फोन अचानक स्लीप मोड में चला गया और इसके बाद न तो कोई कॉल, न मैसेज और न ही किसी तरह की डिजिटल गतिविधि हुई।इसने मामले के रहस्‍य को गहरा कर दिया है। रहस्य गहराता जा रहा है।

मोबाइल की डिजिटल गतिविधि को देखते हुए कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह है कि क्या मोबाइल अपने आप स्लीप मोड में चला गया? या किसी ने जानबूझकर फोन को स्‍लीप मोड में डाला? इसी बिंदु को ध्यान में रखकर एसआईटी की टेक्निकल टीम छात्रा के कॉल और चैट पैटर्न की गहनता से जांच कर रही है।

आखिरी डिजिटल गतिविधि ने जांच एजेंसियों को कंफ्यूज कर दिया है।अब ये बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि लड़की और मां के बीच ऐसी क्‍या बातचीत हुई? जिसने लड़की को मोबाइल स्‍लीप मोड में डालने पर मजबूर कर दिया या लड़की ने मोबाइल को स्‍लीप मोड में डाल दिया? माना जा रहा है इस सवाल का जवाब मिलते ही चौंकाने वाले राज खुल सकते हैं।

इस बीच, एसआईटी को एक और चौंकाने वाला सुराग हाथ लगा है। जांच टीम को दो डॉक्टरों और इस केस से जुड़े एक अन्य शख्स के बीच की चैट भी मिली है। यह चैट 6 से 9 जनवरी के बीच की बताई जा रही है, जिसमें साफ तौर पर लिखा है ‘पुलिस को जानकारी मत देना, किसी तरह मामला यहीं तक सीमित रखो।इस खुलासे के बाद सोमवार को पुलिस ने एक सीनियर डॉक्टर को थाने बुलाकर घंटों पूछताछ की। मिल रही जानकारी के मुताबिक, बार-बार एक ही नंबर पर मैसेज भेजे गए थे, ताकि पुलिस तक सही जानकारी न पहुंचे। जो मामले को रहस्‍यमयी बना रहे हैं।

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