पिसी हुई अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैट, फाइबर और लिगनैन होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं।बीज पीसने से उसका बाहरी छिलका टूट जाता है, जिससे शरीर पोषक तत्वों को अच्छे से एब्जॉर्ब कर पाता है।रोजाना 1 से 2 चम्मच सेवन पाचन, हार्ट की सेहत और ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद करता है।
पिसी अलसी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और हार्ट की बीमारी का खतरा घटाता है। स्टडी के अनुसार, रोज 30 ग्राम सेवन से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स में कमी आती है। लिगनैन सूजन कम करता है और ब्लड वेसल्स में प्लाक जमने से रोकता है।
अलसी में मौजूद फाइबर कार्बोहाइड्रेट के पाचन को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ती।रिसर्च में पाया गया कि रोज दो चम्मच सेवन से इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है। लिगनैन ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है।
पिसी अलसी में मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या में राहत देता है और गट बैक्टीरिया को संतुलित करता है। यह आईबीएस में सूजन और दर्द को कम करने में मदद करता है। रोजाना सेवन से मल त्याग आसान होता है और कोलन हेल्थ बेहतर रहती है।
पिसी अलसी भूख बढ़ाने वाले हार्मोन को कम करती है, जिससे ज्यादा खाने से बचाव होता है। स्टडी में पाया गया कि रोजाना सेवन से कैलोरी इनटेक कम होता है। इसमें मौजूद फैट, प्रोटीन और फाइबर ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं।
अलसी में मौजूद लिगनैन हार्मोन बैलेंस में मदद करते हैं, जिससे मुंहासे और ड्राई स्किन की समस्या कम होती है।ओमेगा-3 त्वचा को अंदर से हाइड्रेट करता है। नियमित सेवन से स्किन एजिंग और फ्री रेडिकल्स का असर कम होता है।
रिसर्च के अनुसार, अलसी में मौजूद लिगनैन अतिरिक्त एस्ट्रोजन से जुड़कर ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को कम करता है।फाइबर शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करता है। यह कैंसर का इलाज नहीं है, लेकिन रिस्क घटाने में सहायक है।
पिसी अलसी में मौजूद फाइटोएस्ट्रोजन हड्डियों की घनता बनाए रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद मिनरल्स विटामिन D के असर को बढ़ाते हैं। रिसर्च के अनुसार, इसका सेवन बोन मिनरल डेंसिटी बढ़ाने में सहायक होता है।
