महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 29 में से अधिकांश नगर निगमों में बढ़त हासिल कर ली है। बीएमसी चुनाव के अब तक आए नतीजों में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीजेपी की शानदार जीत के बाद जनता का आभार व्यक्त किया है। पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों ने विकास के एजेंडे को स्वीकार किया है और अलग-अलग नगर पालिकाओं में रिकॉर्ड तोड़ जनादेश देकर यह साबित कर दिया है कि वे विकास चाहते हैं। फडणवीस ने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जनता के भरोसे को दिया और कहा कि यह जीत हर किसी की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की उम्मीदों को समझें और जिम्मेदारी से काम करें।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने विकास के एजेंडे पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि लोग विकास चाहते हैं, इसीलिए उन्होंने हमें चुना। उन्होंने यह भी बताया कि यह जीत सिर्फ एक पार्टी की नहीं, बल्कि राज्य के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का वादा है। फडणवीस ने हिंदुत्व पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हमें हिंदुत्ववादी होने पर गर्व है। हम छोटे हिंदुत्व को मानने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि बड़े हिंदुत्व को मानने वाले लोग हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनता का समर्थन बहुत बड़ा है और इस समर्थन के साथ जिम्मेदारी का एहसास भी आता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि जब आपको इतना बड़ा पब्लिक सपोर्ट मिले, तो अपनी ज़िम्मेदारी का एहसास रखें, गुस्सा न करें। उन्होंने आगे कहा कि लोगों ने आपको उम्मीदों के साथ चुना है, उम्मीदवारों को उनका एहसास होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास जताते हुए फडणवीस ने कहा कि हम मोदी पर भरोसे की वजह से चुने गए हैं, मुझे पूरा भरोसा है कि वह कहीं से भी नहीं टूटेंगे। उन्होंने अंत में राज्य के लोगों को उनके समर्थन के लिए एक बार फिर धन्यवाद दिया।
इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीडियो कॉल के जरिए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण और मुंबई इकाई के अध्यक्ष अमीत साटम को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने रविंद्र चव्हाण के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आदरणीय रविंद्र चव्हाण जी, आपको बहुत-बहुत बधाई। आपके नेतृत्व में पार्टी ने पूरे महाराष्ट्र में उल्लेखनीय जीत हासिल की है। यह वास्तव में एक ऐतिहासिक और शानदार विजय है। मैं दिल से आपको बधाई देता हूं।
इसके बाद उन्होंने अमीत साटम को भी बधाई देते हुए कहा कि अमीत, बहुत-बहुत बधाई! आपने बेहतरीन काम किया है। अब चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। आपका प्रदर्शन शानदार रहा है और मुझे आप पर गर्व है। आगे भी इसी तरह अच्छे परिणाम की उम्मीद है। इस बीच, राजस्व मंत्री और 29 नगर निगम चुनावों के लिए बीजेपी के प्रभारी चंद्रशेखर बावनकुले ने भी पार्टी की सफलता और महायुति के प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी।
बावनकुले ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि विकास का तूफान… विश्वास की अजेय लहर… और जनता की अटूट निष्ठा! महाराष्ट्र के हर कोने से गूंजती आवाज-देवाभाऊ का नेतृत्व ही महाराष्ट्र की नियति है। हर जगह महायुति की प्रचंड बढ़त! ये सिर्फ बढ़त नहीं, बल्कि जनता की धड़कन है- प्रगति, सुशासन और एक सशक्त, विकसित महाराष्ट्र के लिए जोरदार ‘हां’। उन्होंने आगे लिखा कि शांत लेकिन अडिग इच्छाशक्ति, तेज निर्णय क्षमता और अथक परिश्रम- यही हैं हमारे देवेंद्र फडणवीस, देवाभाऊ। उनकी दूरदर्शी सोच ने महाराष्ट्र को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया है- विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, भारी एफडीआई निवेश, रोजगार के नए अवसर-सब कुछ नई ऊंचाइयों पर है। यह विजय यात्रा हर कार्यकर्ता के पसीने, संघर्ष और अटूट समर्पण से गढ़ी गई है। मतदान केंद्रों से लेकर हर मतदाता ने विश्वास जताया है। हम देवाभाऊ के साथ मजबूती से खड़े हैं।
महाराष्ट्र के उन लाखों मतदाताओं को नमन, जिन्होंने लंबी कतारों में खड़े होकर अपना पवित्र मत दिया-आप ही असली नायक हैं। हम इस भरोसे को और अधिक समर्पण के साथ निभाने का संकल्प लेते हैं। पूर्ण विजय… अजेय महाराष्ट्र… बेमिसाल विकास! जय महाराष्ट्र!
शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने भी एक्स पर तंज कसते हुए लिखा कि मुंबई में अब सिर्फ दो भाई… लाडला भाई और गॉड ब्रदर!” इसके जरिए उन्होंने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच हुए पुनर्मिलन और उनके गठबंधन पर निशाना साधा, जो बीएमसी चुनावों में प्रभावी साबित नहीं हो सका। एक अन्य पोस्ट में देवड़ा ने कहा कि बीएमसी के नतीजों ने मुंबई की राजनीति के ‘सोप ओपेरा’ पर विराम लगा दिया है। शहर ने मेलोड्रामा और मसाले की बजाय प्रगति और जवाबदेही को चुना है। एकनाथ शिंदे की शिवसेना ही असली शिवसेना है, और पारिवारिक राजनीति सुर्खियां बटोरने में नाकाम रही। देश की आर्थिक और सांस्कृतिक राजधानी के लिए स्वर्णिम दौर की शुरुआत हो चुकी है।
इस बीच पुणे नगर निगम (पीएमसी) और पिंपरी-चिंचवड़ में बीजेपी ने मजबूत बढ़त बना ली है। दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी को टक्कर देने के लिए एनसीपी के दोनों गुटों (अजित पवार और शरद पवार) ने स्थानीय स्तर पर गठबंधन किया था, लेकिन वे फिलहाल पीछे चल रहे हैं। ठाणे में, जो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गढ़ माना जाता है, उनकी अगुवाई वाली शिवसेना बढ़त बनाए हुए है। वहीं, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने ‘मराठी मानूस’ वोटों के एकीकरण के लिए इस चुनाव में साथ आने का फैसला किया था, लेकिन वे बीएमसी चुनावों में मराठी अस्मिता और ठाकरे विरासत के नाम पर जीत दर्ज करने में सफल नहीं हो सके।
