Homeदेशअकेलेपन से शरीर में हो जाती हैं इतनी बीमारियां, जानें कैसे नजर...

अकेलेपन से शरीर में हो जाती हैं इतनी बीमारियां, जानें कैसे नजर आते हैं इसके लक्षण?

Published on

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, लेकिन इन दिनों विभिन्न कारणों की वजह से लोग अकेलेपन की तरफ तेजी से बढ़ने लगे हैं। अकेलेपन के शुरुआती दौर में तो लोगों को कुछ पता नहीं चलता है ,लेकिन बाद में यह अकेलापन लोगों पर काफी भारी पड़ने लगता है।इस अकेलेपन से शरीर में कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं।आईए डालते हैं इसपर एक नजर।

डॉ. प्रमोद कुमार, हृदय रोग विशेषज्ञ, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, नई दिल्ली बताते हैं कि सोशल आइसोलेशन का मतलब है परिवार, दोस्तों या समाज से बहुत कम या बिल्कुल भी जुड़ाव न होना।यह अकेले समय बिताने से अलग है। असली खतरा तब होता है, जब इंसान लंबे समय तक इमोशनल और सामाजिक सहारे से दूर रहता है।जब कोई व्यक्ति खुद को अकेला महसूस करता है, तो शरीर उसे तनाव की स्थिति मान लेता है।इससे कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ा सकते हैं। धीरे-धीरे यह सूजन और दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है।

अकेले रहने वाले लोग अक्सर एक्सरसाइज नहीं करते, सही खानपान नहीं अपनाते और दवाइयों में भी लापरवाही कर सकते हैं। इसके साथ ही, अकेलापन डिप्रेशन और एंग्जायटी को बढ़ाता है, जो दिल की सेहत को और नुकसान पहुंचाता है। बीमारी या कमजोरी के वक्त किसी अपने का साथ बहुत मायने रखता है। अकेलेपन में यह सहारा नहीं मिल पाता, जिससे रिकवरी भी धीमी हो सकती है।

अकेले रहने वाले बुजुर्ग या जिन्होंने अपने करीबी लोगों को खो दिया है, उन्हें ज्यादा खतरा रहता है। लेकिन युवा भी इससे अछूते नहीं हैं।काम का दबाव, जगह बदलना और डिजिटल कम्युनिकेशन पर ज्यादा निर्भरता आमने-सामने मिलने को कम कर रही है। अच्छी बात यह है कि रिश्ते दिल के लिए दवा की तरह काम करते हैं. इसके लिए नियमित रूप से अपनों से बात करें, किसी सामाजिक या कम्युनिटी ग्रुप से जुड़ें, वॉलंटियर काम करें या ग्रुप में योग और वॉक जैसी एक्टिविटी अपनाएं।जरूरत महसूस हो तो प्रोफेशनल मदद लेने में भी हिचकिचाएं नहीं। अकेलापन सिर्फ मन की हालत नहीं, बल्कि दिल की सेहत से जुड़ा एक गंभीर खतरा है।जैसे हम खानपान, नींद और एक्सरसाइज पर ध्यान देते हैं, वैसे ही रिश्तों को भी समय देना जरूरी है।एक अच्छी बातचीत, साथ बैठकर खाना या समाज से जुड़ाव न सिर्फ मन को खुश रखता है, बल्कि दिल को भी लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखता है।

Latest articles

माइनस अंक वाले डॉक्टरों पर भरोसा कैसे करेंगे,फैसले पर रोक की मांग

मेडिकल सीटों के लिए वैसे तो मारामारी रहती है, लेकिन इस साल मेडिकल की...

भ्रष्टाचार की पार्टी है TMC,, प्रधानमंत्री मोदी ने मालदा से ममता बनर्जी पर साधा निशाना

बंगाल में चुनावी हलचल के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने मालदा में 3250 करोड़...

सावधान!आपकी इन 3 आदतों से मिनटों में फुंक सकता है महंगा लैपटॉप, आज ही सुधार लें

आजकल लैपटॉप बहुत महंगे आते हैं। लेकिन अक्सर अनजाने में आप ऐसी गलती कर...

बिना बीमारी हर समय थका-थका सा होता है महसूस,कहीं आपमें इस चीज की कमी तो नहीं

आजकल बहुत से लोग बिना किसी बीमारी के भी दिनभर थकान, सुस्ती और नींद...

More like this

माइनस अंक वाले डॉक्टरों पर भरोसा कैसे करेंगे,फैसले पर रोक की मांग

मेडिकल सीटों के लिए वैसे तो मारामारी रहती है, लेकिन इस साल मेडिकल की...

भ्रष्टाचार की पार्टी है TMC,, प्रधानमंत्री मोदी ने मालदा से ममता बनर्जी पर साधा निशाना

बंगाल में चुनावी हलचल के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने मालदा में 3250 करोड़...

सावधान!आपकी इन 3 आदतों से मिनटों में फुंक सकता है महंगा लैपटॉप, आज ही सुधार लें

आजकल लैपटॉप बहुत महंगे आते हैं। लेकिन अक्सर अनजाने में आप ऐसी गलती कर...