I-PAC पर ईडी के छापे के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी सड़क पर उतर गयीं हैं। प्रतीक जैन के घर और आई-पैक के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय पर ईडी की रेड से नाराज ममता बनर्जी ने जादवपुर से पदयात्रा शुरू की। यह पदयात्रा हाजरा में समाप्त होगी। ममता बनर्जी ने रेड के बाद बृहस्पतिवार को ही घोषणा कर दी थी कि वह शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ ईडी के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगी।
तृणमूल सुप्रीमो ने जादवपुर 8-बी बस स्टैंड से पदयात्रा शुरू की।उनके नेतृत्व में शुरू हुई यह रैली सह पदयात्रा करीब 7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए हाजरा मोड़ पर समाप्त होगी। रैली प्रिंस अनवर शाह मोड़, रासबिहारी मोड़ से हाजरा मोड़ तक जायेगी। वहां मंच तैयार है। हाजरा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगी।
ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताया है। उन्होंने कहा है कि इसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी को डराना है।यह घोषणा तब की गयी है, जब गुरुवार को यहां आई-पैक के दफ्तर पर ईडी की छापेमारी के बीच मुख्यमंत्री खुद कोलकाता के पुलिस कमिश्नर और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ आई-पैक के ऑफिस पहुंच गयीं थीं।
मुख्यमंत्री के इस कदम से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी सन्न रह गये थे।ईडी ने बाद में एक बयान जारी कर कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी के सरकारी काम को बाधित किया। जिस जगह रेड चल रही थी, वहां से कुछ जरूरी दस्तावेज जबरन लेकर चली गयीं। यह मामला शुक्रवार को कोर्ट पहुंचा। हलांकि, कोर्ट में सुनवाई टल गयी। मुख्यमंत्री के इस कदम की पश्चिम बंगाल के विपक्षी दलों ने आलोचना की।
गौरतलब है कि I-Pac पर ईडी का छापा पड़ने की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रतीक जैन के घर पहुंच गई थीं। इसके बाद छापेमारी के दौरान वह सीधे प्रतीक जैन के घर में घुस गईं और हाथ में एक हरे रंग की फाइल लेकर बाहर आईं। इस फाइल को लेकर कयास लगाए जा रहे कि यह कोई अहम दस्तावेज हो सकता है।
इस घटना के बाद बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ईडी की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप तो ममता बनर्जी ने बीजेपी के द्वारा ईडी का दुरुपयोग कर इसकी पार्टी के राजनीतिक दस्तावेज चुराने का आरोप लगाने लगी और यह मामला सड़क से लेकर अदालत तक पहुंच गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े एक मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन बड़ी संख्या में टीएमसी समर्थकों और नेताओं के विरोध प्रदर्शन के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी और कोर्ट में हंगामा हो गया।कोलकाता हाई कोर्ट की सुनवाई टलने की पीछे की
वजह को लेकर आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने अदालत परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन करना था।इस विरोध प्रदर्शन के चलते ईडी रेड से जुड़े मामले की सुनवाई स्थगित करनी पड़ी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा I-PAC और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जुड़े मामले की सुनवाई अब कलकत्ता हाई कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई14 जनवरी को होगी।
TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आज़ाद और अन्य ने दिल्ली में अमित शाह के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और मंत्री के खिलाफ नारे लगाए। जैसे ही विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, दिल्ली पुलिस ने डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा और अन्य को हिरासत में ले लिया और उन्हें उठाकर पुलिस वैन में ले गए।
इस महुआ मोइत्रा ने कहा कि हम बीजेपी को हराएंगे। देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा व्यवहार कर रही है।
वहीं, TMC सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि ED ने गलत तरीके से रेड की, और यह अलोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतने की कोशिश है। बीजेपी इस तरह से चुनाव नहीं जीतेगी।
ED की रेड का विरोध करते हुए TMC सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि केंद्र चुनाव जीतने के लिए अपनी जांच एजेंसियों को भेजता है। उन्होंने कहा कि कल ED की टीम भेजी, और उन्हें चुनाव के समय सब कुछ याद आता है। वे चुनाव जीतने के लिए ED, CBI की टीमें भेजते हैं, लेकिन वे चुनाव नहीं जीतेंगे।
