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USB का मलतब क्या है? जानिए Type-A से लेकर C तक हर पोर्ट का शेप, काम और स्पीड

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आज के समय में हम में से ज्यादातर लोग दिन में कम से कम एक बार USB केबल जरूर इस्तेमाल करते हैं चाहे फोन चार्ज करना हो या किसी डिवाइस को कंप्यूटर से जोड़ना हो, टेक्नोलॉजी से भरी हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में USB आम चीज बन चुकी है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि USB का आखिर मतलब क्या होता है? आइए आपको डिटेल में बताते हैं।

USB का पूरा नाम Universal Serial Bus है। यह एक आम कनेक्शन है जो स्मार्टफोन, लैपटॉप और रोजमर्रा के कई गैजेट्स में इस्तेमाल होता है।इसके जरिए डेटा ट्रांसफर किया जा सकता है, डिवाइस चार्ज होती है और कुछ मामलों में वीडियो भी चलाया जा सकता है। आमतौर पर USB पोर्ट कंप्यूटर, मोबाइल फोन और कई तरह के एक्सेसरीज में मिल जाते हैं।

लेकिन आपको यह बता दूं कि सभी USB पोर्ट एक जैसे नहीं होते।कुछ पोर्ट जल्दी चार्जिंग देते हैं, कुछ तेज डेटा ट्रांसफर सपोर्ट करते हैं, और कुछ ऐसे फीचर्स भी चालू करते हैं जिनके बारे में आपको पता भी नहीं होता।ऊपर से अलग-अलग नाम, कई तरह के शेप और Type-A, Type-C, Micro USB जैसे बदलते स्टैंडर्ड होने की वजह से लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं।

USB Type-A और USB Type-C पोर्ट में सबसे बड़ा फर्क इनके डिजाइन, फीचर्स और इस्तेमाल को लेकर है।आज के नए डिवाइसों में Type-C ज्यादा काम का माना जाता है, जबकि Type-A पोर्ट अभी भी पुराने कंप्यूटर और हार्डवेयर में आम तौर पर मिल जाता है। नए स्मार्टफोन, लैपटॉप और चार्जर में अब ज्यादातर Type-C पोर्ट ही देखने को मिलते हैं।

Type-A पोर्ट का आकार सीधा और आयताकार होता है (करीब 12mm चौड़ा) और इसमें केबल सिर्फ एक ही दिशा में लगती है। वहीं Type-C पोर्ट छोटा, अंडाकार होता है (लगभग 8.4mm x 2.6mm) और इसे दोनों तरफ से लगाया जा सकता है, जिससे इस्तेमाल और भी आसान हो जाता है।

इसके अलावा, USB Type-A पोर्ट से जुड़े डिवाइस को पावर भी मिल जाती है, लेकिन इसकी पावर सप्लाई काफी कम होती है। आम तौर पर USB 2.0 पोर्ट करीब 2.5 वॉट और USB 3.0 पोर्ट ज्यादा से ज्यादा 4.5 वॉट तक ही पावर देता है।
वहीं USB-C पोर्ट की कैपेसिटी इस बात पर निर्भर करती है कि वह कौन-सा USB वर्जन और Power Delivery (PD) सपोर्ट करता है।USB Type-A के मुकाबले USB-C ज्यादा एडवांस है, क्योंकि यह USB4 2.0 समेत सभी USB वर्जन के साथ काम करता है और इससे 80 Gbps तक की तेज डेटा ट्रांसफर स्पीड भी मिल सकती है।

USB Type-B, Mini-USB (Type-B Mini) और Micro-USB (Type-B Micro) पुराने तरह के USB पोर्ट होते हैं। आज भी ये आपको प्रिंटर, मॉनिटर, डैश कैम, MIDI कंट्रोलर और कुछ सस्ते गैजेट्स में देखने को मिल जाते हैं।हालांकि अब धीरे-धीरे इनकी जगह ज्यादा नए और काम के USB-C पोर्ट ले रहे हैं।

USB Type-B पोर्ट आमतौर पर चौकोर शेप में होते हैं (USB 2.0 में) और USB 3.0 वाले थोड़े बड़े होते हैं जिनके ऊपर हल्का सा उभार होता है। ये काफी मजबूत होते हैं और आसानी से ढीले नहीं पड़ते।डेटा ट्रांसफर स्पीड Type-A जैसी ही रहती है और ये बेसिक 5V पावर सप्लाई करते हैं।

Mini-USB, Type-B पोर्ट का छोटा वर्जन है।USB-C आने से पहले यह पुराने कैमरे और MP3 प्लेयर में खूब इस्तेमाल होते थे।इसमें सिर्फ 2.5W तक की पावर मिलती है और USB 2.0 के हिसाब से 480 Mbps की स्पीड मिलती है।ये पोर्ट नाजुक होते हैं और अब बहुत कम देखने को मिलते हैं।
Micro-USB, Type-B सीरीज का सबसे छोटा पोर्ट होता है, जिसका नीचे का हिस्सा सीधा और ऊपर का हिस्सा गोल होता है। 2020 के आसपास तक ज्यादातर Android फोन इसी से चार्ज होते थे। यह Quick Charge के साथ 24W तक की पावर दे सकता है और OTG सपोर्ट भी करता है, जिससे एक्सेसरीज जोड़ी जा सकती हैं। इसका USB 3.0 Micro-B वर्जन 5 Gbps तक की तेज स्पीड देता है, इसलिए इसे पुराने एक्सटर्नल ड्राइव्स में भी इस्तेमाल किया गया।

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