Homeदेशबार-बार आ रहे हैं क्रैम्प तो हो जाइए सावधान, हो सकता है...

बार-बार आ रहे हैं क्रैम्प तो हो जाइए सावधान, हो सकता है इन बीमारियों का संकेत

Published on

हाथ या पैरों की मांसपेशियों में अचानक तेज खिंचाव, असहनीय दर्द और अकड़न यानी मसल्स क्रैंप आज के समय में एक आम समस्या बनती जा रही है।बदलती लाइफस्टाइल, खराब खान-पान घंटों तक एक ही पोजीशन में बैठकर काम करना और शरीर को जरूरत भर आराम न देना इसके पीछे की बड़ी वजह मानी जाती है।अक्सर लोग इसे मामूली थकान चलने-फिरने या पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर आपको बार-बार क्रैम्प की समस्या हो रही है, खासतौर पर रात में सोते समय या बिना किसी भारी मेहनत के तो यह सिर्फ सामान्य परेशानी नहीं हो सकती।

कैल्शियम शरीर के लिए बहुत जरूरी मिनरल है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने के साथ-साथ मांसपेशियों और नसों के सही काम में जरूरी भूमिका निभाता है।गलत खानपान, डेयरी प्रोडक्ट्स और हरी सब्जियों की कमी साथ ही धूप में कम रहने के कारण आजकल बड़ी संख्या में लोग कैल्शियम की कमी का शिकार है। इसकी कमी होने पर मांसपेशियों में बार-बार क्रैम्प्स हड्डियों में दर्द, कमजोरी और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

शरीर में सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ने पर मांसपेशियां ठीक से काम नहीं कर पाती। ज्यादा पसीना आना, उल्टी-दस्त, कम पानी पीना या जरूरत से ज्यादा चाय कॉफी पीने से यह संतुलन बिगड़ सकता है।खास तौर पर मैग्नीशियम पोटेशियम की कमी से हाथ और पैरों में क्रैम्प की समस्या बढ़ जाती है।

विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती है और मांसपेशियों में दर्द व ऐंठन की शिकायत बढ़ जाती है। वहीं विटामिन बी12 की कमी नसों को प्रभावित करती है, जिससे हाथ या पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन और मसल्स क्रैम्प जैसे लक्षण नजर आते हैं।

कई बार पैरों तक खून पहुंचाने वाली नसों में रुकावट या सिकुड़न के कारण चलने-फिरने, एक्सरसाइज के दौरान मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन महसूस होती है।इसके अलावा डायबिटीज से जुड़ी नर्व प्रॉब्लम्स या रीढ़ की हड्डी पर दबाव की स्थिति में भी बार-बार क्रैम्प आ सकते हैं।

अगर क्रैम्प के साथ लगातार थकान, हड्डियों में दर्द, हाथ पैरों में झनझनाहट, नाखूनों का कमजोर होना या कमजोरी महसूस हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें।ये लक्षण शरीर में गंभीर कमी या बीमारी की तरफ इशारा कर सकते हैं। वहीं समय रहते डॉक्टर से जांच कराने पर बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है। इसके अलावा क्रैम्प आने पर प्रभावित हिस्से को स्ट्रेच करें, हल्की मसाज करें और गर्म पानी से सिकाई करें।इसके साथ ही डाइट में कैल्शियम, विटामिन डी, प्रोटीन और इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर चीज शामिल करें और पानी का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें।

Latest articles

अजित पवार के प्लेन क्रैश से जुड़े पांच सवाल जिनके जवाब मिलने बाक़ी हैं

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार समेत पांच लोगों की बुधवार को बारामती में...

सुनेत्रा पवार बन सकती हैं डिप्टी सीएम, बोले छगन भुजबल- घंटे-दो घंटे में हो जाएगा फैसला

सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम बन सकती हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता...

Google Chrome में आ रहे हैं Gemini AI फीचर्स,ब्राउजिंग के दौरान एआई करेगा मदद

  Google ने अपने Chrome ब्राउजर के लिए कुछ नए फीचर्स अनाउंस किए हैं।ये AI...

बेहद खतरनाक पैंक्रियाटिक कैंसर का मिला इलाज!

स्पेन की एक रिसर्च टीम ने दावा किया है कि उसने पैंक्रियाटिक कैंसर के...

More like this

अजित पवार के प्लेन क्रैश से जुड़े पांच सवाल जिनके जवाब मिलने बाक़ी हैं

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार समेत पांच लोगों की बुधवार को बारामती में...

सुनेत्रा पवार बन सकती हैं डिप्टी सीएम, बोले छगन भुजबल- घंटे-दो घंटे में हो जाएगा फैसला

सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम बन सकती हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता...

Google Chrome में आ रहे हैं Gemini AI फीचर्स,ब्राउजिंग के दौरान एआई करेगा मदद

  Google ने अपने Chrome ब्राउजर के लिए कुछ नए फीचर्स अनाउंस किए हैं।ये AI...