चुनाव आयोग ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए समय सीमा बढ़ायी।हालांकि इन राज्यों में पश्चिम बंगाल शामिल नहीं है, जहां SIR को लेकर विपक्ष सबसे ज्यादा आक्रामक है। ECI के अनुसार, तमिलनाडु और गुजरात में 14 दिसंबर तक फॉर्म भरे जाएंगे और 19 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी।मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 18 दिसंबर तक एसआईआर की प्रक्रिया होगी और 23 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी, जबकि यूपी में 26 दिसंबर तक फॉर्म भरे जाएंगे और 31 दिसंबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट रोल जारी होगा।
गोवा, गुजरात, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के लिए फॉर्म भरने का समय आज, यानी 11 दिसंबर 2025 को खत्म हो जाएगा। यहां ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 16 दिसंबर 2025 को पब्लिश किए जाएंगे। केरल में एसआईआर का शेड्यूल पहले बदला गया था।यहां 18 दिसंबर 2025 तक एसआईआर की प्रक्रिया होनी है और ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 23 दिसंबर को पब्लिश किया जाएगा।
गोवा, गुजरात, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के लिए फॉर्म भरने का समय आज, यानी 11 दिसंबर 2025 को खत्म हो जाएगा। यहां ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 16 दिसंबर 2025 को पब्लिश किए जाएंगे।केरल में एसआईआर का शेड्यूल पहले बदला गया था।यहां 18 दिसंबर 2025 तक एसआईआर की प्रक्रिया होनी है और ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 23 दिसंबर को पब्लिश किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने एक दिन पहले बुधवार (10 दिसंबर 2025) को सभी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के तहत एक अहम निर्देश जारी किया। ECI ने संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे बूथ स्तर पर तैयार होने वाली अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहराए गए मतदाताओं (ASD) की लिस्ट राजनीतिक दलों के बूथ स्तर एजेंटों के साथ साझा करें।
चुनाव आयोग ने कहा कि बूथ स्तरीय अधिकारियों की ओर से तीन या उससे अधिक बार घर जाकर संपर्क करने के बाद भी जिन मतदाताओं से संपर्क नहीं हो पाया, उन्हें एएसडी श्रेणी में रखा गया है।अब इन मतदाताओं की स्थिति की पुष्टि करना जरूरी है, ताकि मतदाता सूची जारी होने से पहले गलतियों को ठीक किया जा सके।
इसके लिए हर बूथ पर बूथ स्तरीय अधिकारी, राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त बूथ स्तरीय एजेंटों से मुलाकात करेंगे और उन्हें पूरी एएसडी सूची सौंपी जाएगी।चुनाव आयोग के अनुसार, इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 5 लाख बूथ स्तर अधिकारी और 12 लाख से अधिक बूथ स्तर एजेंट मिलकर बूथवार बैठकों में भाग लेंगे।
