बिहार विधानसभा का पहला दिन इस बार बिल्कुल अलग रहा।सदन में सिर्फ शपथ की आवाज नहीं गूंजी, बल्कि कई भाषाओं की मिठास भी सुनाई दी।किसी ने उर्दू के नर्म लहजे में शपथ ली, तो किसी ने संस्कृत के मंत्रोच्चार से सदन का माहौल बदल दिया। सबसे ज्यादा चर्चा मैथिली में शपथ लेने वाले विधायकों की रही।प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने शपथ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की। और इसी के साथ बिहार विधानसभा के सदन में भाषाई विविधता का खूबसूरत गवाह बनता दिखा।
बिहार विधानसभा में मैथिली भाषा सबसे उभर नजर आई। मैथिली में शपथ लेने वालों की संख्या सबसे ज्यादा रही।इनमें कुल 14 विधायकों ने मैथिली में शपथ ली। इनमें सुधांशु शेखर, विनोद नारायण झा, मीना कुमारी, माधव आनंद, नीतीश मिश्रा, सुजीत कुमार, विनय कुमार चौधरी, मैथिली ठाकुर, राजेश कुमार मंडल, संजय सरावगी, रामचंद्र प्रसाद, मुरारी मोहन झा और आसिफ अहमद रहे।
शपथ ग्रहण के दौरान सबसे खास पल वो नजर आया जब बिहार विधानसभा के भीतर ‘बिस्मिल्लाह’ की आवाज आई और फिर मैथिली में शपथ ली गई। आसिफ अहमद ने पहले ‘बिस्मिल्लाह रहमाने रहीम’ कह कर शपथ की ग्रहण की शुरूआत की और मैथिली में शपथ लिया। यह दृश्य सदन में चर्चा का कारण बन गया।आसिफ अहमद, मधुबनी के बिस्फी से राजेडी के विधायक हैं।वे बीजेपी के हरिभूषण ठाकुर बचौल को हरा कर सदन पहुंचे हैं।
सदन के भीतर उर्दू में शपथ लेने वालों की संख्या काफी कम रही लेकिन प्रभाव बड़ा रहा।कुल 5 विधायक उर्दू में शपथ लेने आगे आए। इनमें आबिदुर रहमान, मो. मुर्शिद आलम, मो. कमरूल हुदा, सरवल आलम और अखतरुल ईमान रहे। दिलचस्प बात रही कि मुसलमानों के हितों की बात करने की बात करने वाली एआईएमआईएम (AIMIM) पार्टी के विधायक गुलाम सरवर ने उर्दू की बजाय हिंदी में शपथ ली। उनके इस एक्शन ने सबका दिल भी जीत लिया। उन्होंने ऐसा कर व्यापक संदेश देने की कोशिश की।
18वीं विधानसभा के पहले सत्र के दौरान आज शपथ ग्रहण के दौरान संस्कृत में शपथ लेने वाले विधायक सबसे कम थे।इस शपथ ग्रहण के दौरान मंत्रोच्चारण ने सदन में पूरा माहौल बदल दिया।संस्कृत में शपथ लेने वालों में तारकिशोर प्रसाद, रतनेश सदा, मिथिलेश तिवारी, संजय कुमार सिंह और वीरेंद्र कुमार विधायक थे।इनमें तारकिशोर प्रसाद का संस्कृत उच्चारण काफी चर्चा में रहा।वहीं, अंग्रेजी में शपथ लेने वाले एक मात्र विधायक भी अलग चर्चा में रहे। चिराग पासवान की पार्टी के विधायक विष्णु देव पासवान ने अंग्रेजी में शपथ ली।
