छोटे बच्चों की देखभाल करना आसान नहीं होता। बस जरा सी चूक हुई नहीं कि वे कभी खेलते-खेलते या करवट लेते-लेते अचानक बिस्तर से गिर जाते हैं। ऐसे में बच्चा बुरी तरह रोने लगता है और फिर कितना भी शांत कराओ कई बार नहीं होता। ऐसे में पेरेंट्स सबसे ज्यादा बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि कहीं अंदरूनी चोट तो नहीं लग गई? पेरेंट्स की इसी समस्या को समझते हुए पीडियाट्रिशन डॉक्टर संदीप गुप्ता ने कुछ जरूरी चेतावनी संकेत बताए हैं, जिनके दिखते ही बच्चे का डॉक्टर के पास जाकर चेकअपन करवाना जरूरी हो जाता है। तो चलिए जानते हैं, वह कौन-से लक्षण हैं जिन पर पेरेंट्स को तुरंत ध्यान देना चाहिए।
पीडियाट्रिशन डॉ. संदीप गुप्ता बताते हैं कि अगर बच्चा बेड से गिर जाए, तो सबसे पहले उसे गोद में लेकर चुप कराने की कोशिश करें। इसके बाद पेरेंट्स को तुरंत इन संकेतों पर ध्यान देना चाहिए। सबसे पहले यह देखें कि बच्चा कहीं बेहोश तो नहीं हुआ या अचानक बहुत सुस्त तो नहीं पड़ गया।कहीं बच्चे ने आंखें तो ऊपर नहीं चढ़ाई, उसे झटके आएं या बार-बार उल्टी हो रही हो, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, नाक, कान या मुंह से खून आए या बच्चा लगातार रोता रहे और उसका व्यवहार सामान्य न लगे, तो इसे बिल्कुल हल्के में न लें।
गिरने के बाद क बच्चे ने आंखें ऊपर चढ़ाई हो, उसे झटके आएं या बार-बार उल्टी हो रही हो, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, नाक, कान या मुंह से खून आए या बच्चा लगातार रोता रहे और उसका व्यवहार सामान्य न लगे तो यह भी बड़े खतरे की निशानी है, इसे बिल्कुल हल्के में न लें।
डॉ. गुप्ता कहते हैं कि बच्चे में इनमें से कोई भी लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। हालांकि, यदि कोई गंभीर लक्षण न दिखे, तो 48 घंटे तक बच्चे को ध्यान से ऑब्जर्व करें। इस दौरान यदि उसे कहीं हल्की चोट लगी है, तो उस जगह पर बर्फ लगा सकते हैं। साथ ही पेरेंट्स इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अगर जरा सी भी समस्या दिखे तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।
