यूट्यूब ने एक ऐसे फीचर की टेस्टिंग शुरू कर दी है, जिसकी घोषणा एलन मस्क ने काफी समय पहले ही एक्स के लिए कर दी थी। अब यूट्यूब पर यूजर्स अपनी पसंद के वीडियोज आसानी से देख पाएंगे। गूगल के स्वामित्व वाली यह कंपनी योर कस्टम फीड’ (Your custom feed) नाम के नए फीचर की टेस्टिंग कर रही है। इस फीचर की मदद से यूजर्स अपने होम फीड को अपनी पसंद के अनुसार खुद कस्टमाइज कर सकेंगे। यूजर्स को एक सिंपल प्रॉम्प्ट लिखकर देना होगा और उनके फीड पर उनकी पसंद के वीडियो आ जाएंगे। गूगल ने जनरेटिव AI के बढ़ते चलन और पर्सनलाइजेशन की बढ़ती मांग को देखते हुए यह कमद उठाया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूट्यूब पहले अपने एल्गोरिथम के हिसाब से वीडियो का सुझाव देता था। यह सभी यूजर्स के लिए फिट नहीं था। अब नए ‘योर कस्टम फीड’ फीचर से यूजर्स प्लेटफॉर्म को यह बता सकेंगे कि वे क्या देखना चाहते हैं। टेस्टिंग के दौरान जिन यूजर्स को यह फीचर मिल रहा होगा, उन्हें यूट्यूब ओपन करने के बाद ‘होम’ के साथ ‘योर कस्टम फीड’ का एक ऑप्शन दिखाई देगा। इस पर क्लिक करके आप एक छोटा सा प्रॉम्प्ट लिखकर अपने होम फीड पर आने वाले सुझावों को बदल सकते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूट्यूब पहले अपने एल्गोरिथम के हिसाब से वीडियो का सुझाव देता था। यह सभी यूजर्स के लिए फिट नहीं था। अब नए ‘योर कस्टम फीड’ फीचर से यूजर्स प्लेटफॉर्म को यह बता सकेंगे कि वे क्या देखना चाहते हैं। टेस्टिंग के दौरान जिन यूजर्स को यह फीचर मिल रहा होगा, उन्हें यूट्यूब ओपन करने के बाद ‘होम’ के साथ ‘योर कस्टम फीड’ का एक ऑप्शन दिखाई देगा। इस पर क्लिक करके आप एक छोटा सा प्रॉम्प्ट लिखकर अपने होम फीड पर आने वाले सुझावों को बदल सकते हैं।
उदाहरण के लिए, अगर आपको खाना पकाने के वीडियो पसंद हैं, तो आप प्रॉम्प्ट में “खाना पकाने के आसान तरीके” लिख सकते हैं। इसके बाद यूट्यूब आपको उसी तरह के वीडियो ज्यादा सुझाएगा। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी दोस्त से कहते हैं कि “मुझे आज कॉमेडी वीडियो देखने हैं”। कंपनी का कहना है कि यह फीचर यूजर्स को सुझाए गए कंटेंट पर ज्यादा कंट्रोल देगा।
उदाहरण के लिए, अगर आपको खाना पकाने के वीडियो पसंद हैं, तो आप प्रॉम्प्ट में “खाना पकाने के आसान तरीके” लिख सकते हैं। इसके बाद यूट्यूब आपको उसी तरह के वीडियो ज्यादा सुझाएगा। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी दोस्त से कहते हैं कि “मुझे आज कॉमेडी वीडियो देखने हैं”। कंपनी का कहना है कि यह फीचर यूजर्स को सुझाए गए कंटेंट पर ज्यादा कंट्रोल देगा।
इस फीचर की मदद से यूजर्स अब सिर्फ एल्गोरिथम पर निर्भर नहीं रहेंगे। क्रिएटर्स को भी अपनी स्ट्रेटजी बदलनी पड़ सकती है। उन्हें सोचना होगा कि लोग किस तरह के प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करेंगे। मस्क ने भी कहा था कि AI पावर्ड एल्गोरिथम छोटे क्रिएटर्स को बढ़ावा देगा। यूट्यूब के साथ भी ऐसा ही हो सकता है, जहां खास तरह के कंटेंट बनाने वाले छोटे अकाउंट्स को ज्यादा ऑडियंस मिल सकती है
यूट्यूब के इस फीचर से AI को भी बढ़ावा मिलेगा। AI अब सिर्फ कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यूजर्स के एक्सपीरियंस को पर्सनलाइज करने में भी मदद कर रहा है
