दिल्ली कार ब्लास्ट मामले के आरोपी उमर उन नबी के करीबी जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश को NIA ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद आज (19 नवंबर, मंगलवार) उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 10 दिन की कस्टडी में भेज दिया है।
NIA के अनुसार, जासिर बिलाल वानी (दानिश) केवल तकनीकी मदद नहीं देता था, बल्कि उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरे हमले की योजना बनाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा था। जांच में यह सामने आया कि दानिश उमर का सबसे भरोसेमंद सहयोगी था और हमले की साजिश के हर चरण में शामिल था।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक, NIA ने उमर के करीबी जासिर बिलाल वानी को श्रीनगर से दबोचा था। जासिर उर्फ दानिश ने आतंकी हमलों के लिए ड्रोन और रॉकेट की खेप तैयार की थी। वहीं, उमर का एक और साथी आमिर राशिद अली भी गिरफ्त में आ चुका है, जिससे भारत के खिलाफ बड़े पैमाने पर तबाही की पूरी साजिश बेनकाब हुई है।
NIA ने एक बयान में कहा, कि अनंतनाग के काजीगुंड निवासी वानी को सोमवार को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया और उसने कथित तौर पर ड्रोन में बदलाव करके और घातक कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट बनाने का प्रयास करके आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की थी।
जासिर को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना की अदालत में पेश किया गया। एनआईए ने सोमवार को एक बयान में वानी को हमले का सक्रिय सह-साजिशकर्ता बताया, जिसने आतंकी हमलों की साजिश रचने के लिए आतंकवादी उमर उन नबी के साथ मिलकर काम किया।
